• April 8, 2023

ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरों की भरमार, इलाज करने वालों को हेल्थ विभाग का खौफ नहीं, धमधा में केस बिगड़ने से एक की मौत

ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरों की भरमार, इलाज करने वालों को हेल्थ विभाग का खौफ नहीं, धमधा में केस बिगड़ने से एक की मौत

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टर ग्रामीणों की जान से खेल रहे हैं। यह बात नई नहीं है। पूरे सिस्टम को इसकी खबर है। बावजूद इसके ऐसे लोगों को इलाज करने खुली छूट मिली हुई है। यह छूट हेल्थ विभाग की लापरवाही ने उन्हें दी है। इसके चलते लगातार इलाज में लापवाही के चलते केस बिगड़ रहा है। यहां तक लोगों की मौत तक हो जा रही है। ऐसा ही एक मामला धमधा से सामने आया है। श्रया हॉस्पिटल में एक घटना हुई, जिसके बाद राखी जोबा बेमेतरा के छोटू सेन नामक व्यक्ति की मौत हो गई। अब इस पूरे मामले में हेल्थ विभाग ने जांच शुरू की है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 40 वर्षीय छोटू को जहर सेवन की वजह से इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां करीब 4 दिन तक उसका इलाज किया गया। इसके बाद उसे रिफर कर दिया गया। भिलाई के एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। जहां बाद में छोटू की मौत हो गई। जांच में पता चला कि उसके किडनी, लीवर फेल हो गए थे। मरीज को वेंटीलेटर में भी रखा गए, लेकिन जांच नहीं बच पाई।

एलोपेथी अस्पताल का संचालन कर रहे थे 4 आयुष डाक्टर

धमधा के जिस श्रेया हॉस्पिटल में मरीज का इलाज किया गया, वह आयुर्वेदिक, योगा, नेचुरोपैथी, यूनानी, होमियोपैथी के डाक्टर ऑपरेट कर रहे थे। इस प्रकार कोई भी एलोपैथी से नहीं था, बिना जानकारी के दूसरे पैथी के डाक्टरों ने इलाज किया।

परिजनों की शिकायत के बाद यह पूरा मामला सामने आया। धमधा के इस हॉस्पिटल में डॉ. कांबले भगवान लक्ष्मण राव को मेडिकल डायरेक्टर बनाया, लेकिन वे हॉस्पिटल पहुंचे ही नहीं। जबकि नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस प्राप्त हर एलोपैथी अस्पताल में एक मेडिकल डायरेक्टर होना आवश्यक है। वहां मरीजों को तय स्टैंडर्ड प्रोटोकाल के अनुसार मरीजों को इलाज मिल रहा है कि नहीं, यह मेडिकल डायरेक्टर की जिम्मेदारी है। कोई अनहोनी हो जाय तो मेडिकल डायरेक्टर की जिम्मेदारी होगी।

पूरे जिले में ऐसे सेंटरों की भरमार

पूरे जिले में ऐसे झोलाछाप एलोपैथी डाक्टरों की भरमार हैं। यहां तक नर्सिंग होम और क्लिनिक संचालित हो रहे हैं। मेडिकल डायरेक्टर तो बना दिया लेकिन ऐसे चिकित्सक नर्सिंग होम में झांकने तक नहीं पहुंचते। इस घटना के बाद जिले के हेल्थ विभाग को अलर्ट होने की जरूरत है।

ये चिकित्सक ऑपरेट कर रहे थे हॉस्पिटल

बीएएमएस डॉ. शेखर ताम्रकार, आरएचओ डॉ. बलदाऊ निर्मलकर, डॉ. मनीष राजपूत, डॉ. जीवन सेन

हेल्थ विभाग ने शुरू की जांच, लीपापोती की कोशिश

हेल्थ विभाग ने मामले में जांच शुरू कर दी है। सीएमएचओ डॉ. जेपी मेश्राम ने जांच के निर्देश दिए हैं। इधर पूरे मामले को दबाने की कोशिश शुरू हो गई है। अस्पताल के कुछ लोगों ने मृतक के परिजनों से भी संपर्क किया है। इसके अलावा जांच भी प्रभावित करने की कोशिश शुरू हो गई है।

 

 


Related News

दक्षिण कौशल गणेश उत्सव समिति, पद्मनाभपुर में भूपेश बघेल एवं अरुण वोरा ने की पूजा-अर्चना

दक्षिण कौशल गणेश उत्सव समिति, पद्मनाभपुर में भूपेश बघेल एवं अरुण वोरा…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   दुर्ग। श्री दक्षिण कौशल गणेश उत्सव समिति, पद्मनाभपुर दुर्ग में आयोजित गणेश उत्सव…
उरला-गया नगर-रामनगर की 8 किमी जर्जर सड़क के नवनिर्माण की मांग, कांग्रेस ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

उरला-गया नगर-रामनगर की 8 किमी जर्जर सड़क के नवनिर्माण की मांग, कांग्रेस…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   दुर्ग। वार्ड क्रमांक 57-58 उरला, गया नगर एवं रामनगर क्षेत्र की करीब 8…
एनएचएम संघ बेमेतरा ने नवपदस्थ CMHO डॉ. शरद कोहाड़े से की सौजन्य मुलाकात

एनएचएम संघ बेमेतरा ने नवपदस्थ CMHO डॉ. शरद कोहाड़े से की सौजन्य…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   बेमेतरा। राज्य शासन द्वारा विभिन्न जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)…