- July 13, 2025
बिजली की बढ़ी दरों से जनता हलाकान, कांग्रेस ने बताया ‘आर्थिक करंट’,अरुण वोरा बोले : “हमने आधी बिल योजना चलाई, भाजपा सरकार ने पूरी जेब काट दी

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग।
जहां एक ओर आम जनता महंगाई की मार से जूझ रही है, वहीं छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने बिजली दरें बढ़ाकर लोगों को एक और करारा झटका दे दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 10 से 20 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है, जो राज्य के 60 लाख उपभोक्ताओं को सीधे प्रभावित करेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जारी नए टैरिफ 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगे। इसके तहत घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि श्रेणी में बिजली दरें बढ़ा दी गई हैं:
• घरेलू उपभोक्ताओं पर ₹0.10–₹0.20/यूनिट की बढ़ोतरी
• गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ₹0.25/यूनिट
• कृषि पंपों पर ₹0.50/यूनिट की बढ़ोतरी
*इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा:*
“भाजपा सरकार ने पहले स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों को ठगा, अब बिजली दरें बढ़ाकर सीधे जनता की जेब पर डाका डाल दिया है।ये सिर्फ दरों में बढ़ोतरी नहीं, ये भाजपा सरकार की जनविरोधी मानसिकता का आईना है।ये सरकार आम छत्तीसगढ़ियों की नहीं, बड़ी-बड़ी उद्योगिक कंपनियों की हमदर्द बन चुकी है।ये सरकार जनता की सेवा के लिए नहीं, सिर्फ जल-जंगल-जमीन पर व्यापार चलाने के लिए छत्तीसगढ़ की धरती पर बैठी है।
भाजपा सरकार को न गरीब की चिंता है, न मध्यम वर्ग की फिक्र।
उसे सिर्फ कॉरपोरेट का मुनाफा और सत्ता की राजनीति दिखाई देती है।
जनता कैसे बिजली बिल चुकाए, किसान कैसे खेत सींचे — ये इनके एजेंडे में है ही नहीं।कांग्रेस सरकार ने ‘आधी बिजली बिल’ योजना से करोड़ों परिवारों को राहत दी थी — लेकिन भाजपा ने आते ही वही जेब फिर से काटनी शुरू कर दी।
क्या यही सुशासन है? क्या यही विकास है? जब जनता को राहत देने की जरूरत है, तब सरकार वसूली में लगी है।
हम चुप नहीं बैठेंगे — जनता की आवाज़ अब कांग्रेस की ताकत बनेगी। हर घर की तकलीफ को हम सड़क से सदन तक उठाएंगे, और इस जनविरोधी निर्णय को वापस करवाकर ही दम लेंगे!”
कांग्रेस का आरोप है कि:
• पिछले 18 महीनों में कुल 19.31% तक बिजली दरें बढ़ चुकी हैं।
• बिजली आपूर्ति में निरंतरता नहीं है, फिर भी दरें बढ़ाई जा रही हैं।
• स्मार्ट मीटर से लोगों को फर्जी और फूले हुए बिल थमाए जा रहे हैं।
• सरकार ने पहले किसानों को छूट देने की बात कही, लेकिन अब कृषि पंपों की दरें भी बढ़ा दी गईं।
वहीं, बिजली कंपनी का तर्क है कि लागत ₹7.02/यूनिट है जबकि उपभोक्ता दरें इससे काफी कम हैं। लेकिन कांग्रेस का मानना है कि यह तर्क आम जनता की परेशानियों का बहाना मात्र है।
भाजपा सरकार की बिजली दरों में बढ़ोतरी से प्रदेश की जनता खासा आक्रोशित है। कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है, और संकेत दिए हैं कि यदि दरें वापस नहीं ली गईं, तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।




