- July 16, 2025
स्वास्थ्य कर्मियों की चुप्पी टूटी, भाजपा सरकार से सवाल : कब मिलेगा स्थायीत्व? दुर्ग में किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन, अरुण वोरा ने दिया समर्थन

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत लगभग 16,000 संविदा कर्मचारी वर्षों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को संभाल रहे हैं। आज दुर्ग के हिन्दी भवन के सामने कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि समूह ने अपनी 10 प्रमुख मांगों को लेकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किया। प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार का ध्यान उन मुद्दों की ओर दिलाना था जो वर्षों से लंबित हैं।
इनकी प्रमुख मांगों में स्थायीत्व (संविलियन) 10-15 वर्षों से संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को नियमित किया जाए, 27% वेतन वृद्धि — जो अन्य विभागों को मिल चुकी है, लेकिन NHM कर्मचारियों को अब तक नहीं दी गई। मेडिकल अवकाश, मातृत्व अवकाश, और चिकित्सा बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं। पारदर्शी कार्य मूल्यांकन (CR) व्यवस्था और सेवा के दौरान दिवंगत कर्मियों के परिजनों के लिए अनुकंपा नियुक्ति।
अरुण वोरा पहुँचे प्रदर्शन स्थल, जताया समर्थन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा आज हिन्दी भवन पहुँचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनका समर्थन जताया। उन्होंने कहा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बन चुके कर्मियों की अनदेखी नहीं की जा सकती। जब एक कर्मचारी 10 से 15 साल संविदा पर काम करता है, उसे स्थायीत्व क्यों नहीं मिलना चाहिए? 27% वेतन वृद्धि का आदेश है लेकिन लागू नहीं किया गया, बीमा नहीं, छुट्टियाँ नहीं यह सब एक असंवेदनशील व्यवस्था की निशानी है। उन्होंने आगे कहा मैं इनकी सभी मांगों का समर्थन करता हूँ और सरकार से अपील करता हूँ कि जल्द समाधान करे। जो लोग पूरे प्रदेश की सेहत का ध्यान रखते हैं, आज उनकी सुरक्षा और सम्मान भी हमारा कर्तव्य है। कर्मचारियों ने श्री वोरा के समर्थन को नैतिक बल बताते हुए उम्मीद जताई कि विपक्ष इस आवाज़ को सदन तक पहुँचा कर इनकी समस्याओं को हल करवाएगा।




