- July 17, 2025
पद्मनाभपुर में शिलान्यास के पत्थर से दुर्घटना का खतरा विकास के नाम पर श्रेय लेने के हथकंडे से जनता परेशान

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। पद्मनाभपुर में रिमझिम मिल्क पार्लर के समीप लगे शिलान्यास के पत्थर से दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया है। इस परिस्थिति को लंबे समय से क्षेत्र के रहवासी महसूस कर रहे है लेकिन इन पत्थरों को हटाने की पहल नहीं की जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन व नगर निगम किसी बड़ी जानलेवा दुर्घटना के घटित होने का इन्तजार कर रहा है।
जानकारी के अनुसार पद्मनाभपुर से पंचशील स्कूल की ओर जाने वाले मार्ग में रिमझिम मिल्क पार्लर के पास अव्यवस्थित तरीके से दो शिलान्यास के पत्थर लगे हुए है। जिसमें पहला पत्थर पद्मनाभपुर वार्ड 45-46 में पाईप लाईन बदलने के कार्य का है। इस पत्थर को 13 जून 2016 लगाया गया था। इसकी नाम पट्टिका में महापौर चंद्रिका चंद्राकर सभापति राजकुमार नारायणी प्रभारी जलकार्य समिति देव नारायण चंद्राकर व पार्षदों में राजेश शर्मा व लीलाधर पाल का नाम दर्ज है। इसी तरह दूसरा पत्थर 12 अगस्त 2015 का है जिसमें पद्मनाभपुर वार्ड 45 में सीवर लाईन निर्माण के भूमिपूजन का उल्लेख है। इसकी नाम पट्टिका में भी महापौर चंद्रिका चंद्राकर सभापति राजकुमार नारायणी प्रभारी लोककर्म दिनेश देवांगन व तत्कालीन पार्षद राजेश शर्मा का नाम दर्ज है। शिलान्यास के इन दोनों पत्थरों को लगे लगभग 9 से 10 साल हो गये है। समस्या इन पत्थरों को अव्यवस्थित तरीके से लगाए जाने के कारण उत्पन्न हो रही है। वार्ड के नागरिकों के अनुसार जिस जगह पर शिलान्यास का पत्थर लगाया गया है वहां से सड़क आने-जाने व अगल-बगल के साथ चार रास्तों को जोड़ती है। इन पत्थरों के कारण एक मार्ग से आने-जाने वाले वाहन का दिखाई देना बंद हो गया है जिससे भविष्य में दुर्घटना की प्रबल संभावना है। बताया गया है कि शिलान्यास के दोनों पत्थर अव्यवस्थित तरीके से तिरछे लगे हुए है। रात्रि कालीन समय में पद्मनाभपुर से पंचशील स्कूल की ओर जाने के दौरान वाहनों की लाईट शिलान्यास के पत्थर से टकराकर रिफ्लेक्स होती है। इससे वाहन चालक बगल से दूसरा वाहन आने की आशंका से हड़बड़ा जाता है। जबकि शिलान्यास के पीछे के मार्ग से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। इससे दुर्घटना की आशंका बरकरार है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार 9 से 10 साल पुराने पत्थर को पूरी तरह से हटाने की मांग की जा रही है। वार्ड के पूर्व पार्षद राजेश शर्मा से भी कई बार अनुरोध किया गया है लेकिन वे अपनी नाम पट्टिका वाले पत्थर को हटाना नहीं चाहते थे। वार्ड के लोग बताते है कि पिछले चुनाव में राजेश शर्मा की हार का कारण यह फैक्टर भी रहा है। अब नये पार्षद संजय अग्रवाल के सामने शिलान्यास के पत्थर को हटाने की चुनौती है। चूंकि पट्टिका में भाजपा की महापौर का नाम दर्ज है और संजय अग्रवाल भाजपा के पार्षद है इसलिए इस मामले में उनके पहल की वार्डवासी प्रतीक्षा कर रहे है।




