- August 2, 2025
साजा विधायक ईश्वर साहू ने रेवड़ी की तरह बांटी स्वेच्छानुदान की राशि, मां सहित अन्य रिश्तेदारों, पीएसओ, पीए और ऑपरेटर के रिश्तेदारों को भी दी


साजा विधानसभा से भाजपा विधायक ईश्वर साहू इस बार स्वेच्छानुदान राशि रेवड़ी के जैसे अपने रिश्तेदारों और अपने स्टॉफ में बांटने के मामले में बुरे फंस गए हैं। कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासन में यह चल रहा है। अपने चहेतों को ही फायदा पहुंचाने का खेल पूरे प्रदेश में चल रहा है। विधायक ईश्वर साहू ने इस बात को प्रमाणित कर दिया है। स्वेच्छतानुदार की राशि गरीब जरुरतमंदों के लिए होती है, जिसे ईश्वर साहू ने अपने परिवार, रिश्तेदारों में बांटकर भ्रष्टाचार किया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, जिला अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने मामले में निष्पक्ष जांच के बाद दोषी विधायक को बर्खास्त किए जाने की मांग की है। इधर इस पूरे मामले को लेकर मीडिया को दिए बयान में ईश्वर साहू ने कहा कि यह राजनीतिक साजिश है। मैं गरीब का बेटा हूं, इसलिए मुझे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया है, जो आया, उसे उसकी जरुरत के हिसाब से स्वेच्छानुदान की राशि प्रदान की गई। 2 हजार से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें से 600 से 700 लोगों और संस्थाओं को 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक की राशि स्वीकृत की गई है। बता दें कि ईश्वर साहू पर आरोप है कि उन्होंने स्वेच्छानुदान वितरण में भेदभाव किया। अपने पीएसओ, पीए और ऑपरेटर द्वारा मिलकर राशि दुरुपयोग करने और रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाया। आरोपों का आधार स्वेच्छानुदान के वितरण से जुड़ी सूची वायरल हो रही है। इस मामले को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज हमलावर है।

ईश्वर साहू की मां के नाम पर 30 हजार स्वेच्छानुदान का आरोप
आरोप है कि विधायक ईश्वर साहू की माता को 30 हजार रुपये, भाभियों को 30-30 हजार, निज सहायक अनुप वर्मा की भाभी को 20 हजार, दिग्विजय केशरी के भतीजे को 30 हजार और कंप्यूटर ऑपरेटर धीरज पटेल के परिवार को 20 से 40 हजार तक की आर्थिक मदद दी गई। पीएसओ ने पिता, भाई, भांजा, मितान, पुलिस मित्र समेत कई करीबी लोगों को 20 से 50 हजार तक की सहायता राशि दिलाई। पूरी सूची को देख ऐसा लगता है जैसे ‘विधायक निवास’ ही एकमात्र पात्र क्षेत्र घोषित कर दिया गया हो। जानकारी के मुताबिक 126 ऐसे लोग हैं, जो ईश्वर साहू से सीधे जुड़े हैं, जिन्हें स्वेच्छानुदार राशि जारी कर दी गई है। या राशि स्वीकृत की गई है।
पीएसओ ओम साहू के 20 से ज्यादा रिश्तेदार और परिचितों के नाम
इस पूरे मामले में पीएसओ ओम साहू के 20 से ज्यादा रिश्तेदारों के नाम हैं। बताया जाता है कि सूची सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेकर सार्वजनिक की गई है। सूची सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, साथ ही ईश्वर साहू ट्रोल किए जा रहे हैं। इस पूरे मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों का बयान नहीं आया है। बता दें कि स्वेच्छानुदान में गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी स्वेच्छानुदान में गड़बड़ी के आरोप लगते हैं, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब अपने रिश्तेदारों को ही सीधे तौर पर इस शासकीय पैसों का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इस पूरे मामले में ओम साहू, दिग्विजय केसरी, अनुज वर्मा, कम्प्यूटर आपरेटर नीरज पटेल की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। इन्होंने ईश्वर साहू को गुमराह कर अपने रिश्चतेदारों को स्वेच्छानुदान राशि दिलाने को लेकर साजिश रची। बहरहाल इस पूरे मामले में जांच के बाद वास्तविक स्थिति का खुलासा होगा।

ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा , योगेश कुमार तिवारी 9425564553, 6265741003,




