- August 15, 2025
आजादी के अमृत पर्व पर संयम और सेवा का आह्वान-मुनि श्री विराटसागर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर नवकार भवन ऋषभ नगर में प. पू. विराटसागर जी म.सा.आदि ठाना ३ के पावन सान्निध्य में सहजानंदी वर्षावास के तहत देश की आजादी के अमृत महोत्सव एवं जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष प्रवचन का आयोजन किया गया। मुनि श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि देश की राजनीतिक आज़ादी के साथ-साथ हमें आत्मिक आज़ादी की भी आवश्यकता है, और उसका मार्ग त्याग, संयम एवं साधना से होकर गुजरता है।उन्होंने कहा हम बाहर से आज़ाद दिखाई देते है किंतु, पाश्चात्य सभ्यता के अंधानुकरण हमारी आदतों में विदेशी वस्तुओं के उपयोग की लत लग चुकी है इसलिए हम अंदर से आज भी गुलाम है । हमे अपनी अंदर की आज़ादी के लिए स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए और देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना चाहिए । उन्होंने देश की आज़ादी में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जैन समाज के वीर शहीदों विशेष रूप से लाला हुकुमचंद, अमरचंद जी बांठिया एवं विशाल बाबू जैन की कुर्बानी को याद किय तथा श्रावकों को उनकी कुर्बानियों से अवगत कराया ।
जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण का भी स्मरण किया और उनके जन्म के समय को याद कर उनके समान बुराई का अंत कर अच्छाई को ग्रहण करने की प्रेरणा दी गयी ।
इस उपलक्ष्य में धावजारोहण एवं राष्ट्रगान भी किया गया जिसमे श्री आदिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर ट्रस्ट के गणमान्य सदस्य एवं जैन समाज के श्रावक- श्रविकाये बड़ी संख्या में उपस्थित थे ।




