- September 2, 2025
निर्मलकर समाज के तीज उत्सव में बिखरी खुशियां, यशोदा निर्मलकर बनी तीज क्वीन, अन्य प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने साबित की अपनी प्रतिभा

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग । नगर निर्मलकर (धोबी रजक) समाज द्वारा कसारीडीह सिविललाईन स्थित सामाजिक भवन में आयोजित तीज मिलन समारोह में जमकर खुशियां बिखरी। इस अवसर पर विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं में समाज की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा साबित की।कार्यक्रम में निगम महापौर अलका बाघमार बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई। अध्यक्षता राष्ट्रीय रजक महासंघ के उपाध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा ने की। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित एवं समाज की गौरव रजनी रजक समारोह में विशेष रुप से मौजूद रही। तीज मिलन समारोह में महापौर अलका बाघमार ने महिलाओं को तीज पर्व की बधाई दी और उनकी एकजुटता व प्रतिभा की सराहना की। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों की मांग पर महापौर द्वारा सामाजिक भवन कसारीडीह में चेकर टाइल्स लगवाने, उतई टेंपो स्टैण्ड चौक में समाज के संत शिरोमणि गाडगे महाराज की मूर्ति स्थापना व उनके नाम पर चौक का नामकरण करने पर अपनी सहमति दी गई। वहीं राष्ट्रीय रजक महासंघ के उपाध्यक्ष प्रभुनाम बैठा द्वारा बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। इस दौरान श्री बैठा ने अपने उद्बोधन में समाज की महिला कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा समारोह में ड्रेस कोड का अनुसरण करने की तारीफ की गई और भविष्य में भी अन्य सदस्यों से ड्रेस कोड का अनुसरण करने अपील की गई।
समारोह में तीज स्वीन, बिंदी लगाओ प्रतियोगिता, कुर्सी दौड़, गोली चम्मच दौड़, छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाओ प्रतियोगिता के अलावा अन्य प्रतियोगिताएं आकर्षण का केन्द्र रही। प्रतियोगिताओ में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा साबित की।
तीज क्वीन यशोदा निर्मलकर बनी। इसके अलावा अन्य प्रतियोगिताओं के प्रतिभागी महिलाओं को समाज के संरक्षकों द्वारा पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया। मंच संचालन समाज की गौरव रजनी रजक ने किया। समारोह में समाज के संरक्षक नारायण निर्मलकर, गणेश निर्मलकर, प्रेमशंकर, राजीव, चंद्रिका निर्मलकर, शिवशंकर निर्मलकर, समाज के अध्यक्ष ईश्वर निर्मलकर, ओमप्रकाश निर्मलकर, रोहित, मधु, दिलीप, विकास, अनिल, सरस, दीनानाथ सर्वा, राजूलाल,संदेशवाहक, शत्रुघ्न निर्मलकर, जानू , विजय, महिला कार्यकारिणी सदस्य कामती निर्मलकर, ज्ञानेश्वरी निर्मलकर, भारती सर्वा, वर्षा निर्मलकर, मौशमी निर्मलकर के अलावा समाज के पुरुष व महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। समाज के युवा वर्ग ने भी समारोह में बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।




