- October 7, 2025
शहर कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में ओछे हथकंडों का इस्तेमाल

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस के भीतर ओछे हथकंडों का इस्तेमाल शुरू हो गया है। एक दावेदार की बढ़ती लोकप्रियता का ग्राफ गिराने के लिए बदनाम करने निम्न स्तर की राजनीति खेली जा रही है। यह काम कौन कर रहा है और किसके ईशारे पर हो रहा है इसे कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता समझ गए है और पार्टी के भीतर इस घटना क्रम के सूत्रधार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
यहां गौरतलब है कि नई व्यवस्था के तहत कांग्रेस का अध्यक्ष पॉवर का सेंटर रहेगा। अध्यक्ष विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में टिकट वितरण समिति में भी शामिल रहेगा और टिकट वितरण में अध्यक्ष की राय महत्वपूर्ण रहेगी। दुर्ग शहर कांग्रेस का संगठन पिछले तीस वर्षो से अधिक समय से दुर्दशा का शिकार रहा है। इसका मुख्य कारण शहर अध्यक्ष की रिमोट कांग्रेस के एक बड़े नेता के हाथ में रही है। कांग्रेस के ये बड़े नेता अगला अध्यक्ष भी अपनी पसंद का बनाना चाहते है। इसके लिए उन्हें कड़ी चुनौती मिल रही है । वही दूसरी ओर एक अन्य दावेदार धीरज बाकलीवाल को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। केन्द्रीय पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू कार्यकर्ताओं से वन टू वन चर्चा कर रहे है कार्यकर्ता धीरज बाकलीवाल का ही नाम ले रहे है। धीरज की इस लोकप्रियता से बड़े नेता के खेमे में बैचेनी और बौखलाहट का आलम है। परिणाम स्वरूप बड़े नेता रायपुर के अपने एक रिश्तेदार की मदद से धीरज बाकलीवाल के खिलाफ गलत माहौल तैयार कर रहे है। इसमें एक कांग्रेस की नेत्री का भी इस्तेमाल किया गया है। धीरज बाकलीवाल सरल सहज और व्यवहारिक होने के साथ शालीन जन प्रतिनिधि है। उन्हें पिछले पच्चीस वर्ष से कभी किसी के साथ अमर्यादित व्यवहार करते हुए नहीं देखा गया है। विपक्ष के लोग भी श्री बाकलीवाल के व्यवहार की सराहना करते है। वे भी इस ओछे हथकंडे के इस्तेमाल पर कांग्रेस के एक बड़े नेता की खिल्ली उड़ा रहे है।
मैने किसी को समर्थन नहीं दिया खुद दावेदार हूं – राजकुमार
शहर अध्यक्ष के चुनाव में बीते दिन पांच ब्लाक अध्यक्षों में चार ब्लाक अध्यक्षों द्वारा आर.एन. वर्मा को समर्थन देने की बात प्रचारित की गई थी। इसमें कथित रूप से शामिल ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार साहू ने कहा है कि उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए किसी को भी अपना समर्थन नहीं दिया है। वे स्वयं अध्यक्ष पर के दावेदार है। एक ब्लाक अध्यक्ष ने भी अपना नाम नहीं छापने की आग्रह पर कहा कि उन्होंने किसी को भी समर्थन नहीं दिया है। उनके नाम से समर्थन देने की खबर प्रचारित करना गलत है।
एक दावेदार के समर्थकों ने कर रखी है वोरा की घेराबंदी
इधर राजनैतिक सूत्रों से एक नई खबर छनकर सामने आ रही है। पता चला है कि अध्यक्ष पर के एक दावेदार के समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से पूर्व विधायक अरूण वोरा की घेराबंदी कर रखी है और वोरा को समर्थन के लिए मजबूर कर दिया है। अध्यक्ष पद के दावेदार के समर्थकों का मानना है कि एक बार उनका अध्यक्ष बन जाए और ताकत उनकी हाथ में आ जाए। कांग्रेस के एक पुराने गुट का अस्तित्व कायम हो जाएगा। समर्थकों का कहना है कि शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए इस दावेदार ने अपमान का कई कड़वा घंूट पिया है। पिछले निगम चुनाव में महापौर बनने से रोकने वोरा ने उनकी जगह उनकी पत्नी को वार्ड का प्रत्याशी बना दिया था। इस दावेदार के अध्यक्ष बनने के बाद शहर कांग्रेस के एक बड़े नेता पर वज्रपात गिरने की भी अटकले लगाई जा रही है।




