- April 12, 2026
वैशाली नगर विधायक को प्रदेश सरकार की हेल्पलाइनो पर भरोसा नहीं : मुकेश चंद्राकर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
भिलाई नगर। भिलाई शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा लोगों की समस्याओं के त्वरित निपटान के लिए बनाए गए प्लेटफार्म “जनता कमल सेतु” पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में ही लोगों की शिकायतें दूर करने के लिए दर्जन भर से ज्यादा हेल्पलाइन चलाए जा रहे हैं। ऐसे में लगता है कि विधायक को उन हेल्पलाइनो पर भरोसा नहीं है। यही कारण है कि वे लोगों की समस्याएं दूर करने सरकार के समानांतर सरकार चला रहे हैं।
श्री चंद्राकर ने बताया कि आम जनता को होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार द्वारा दर्जन भर से ज्यादा हेल्पलाइन जारी किए गए हैं। अब यह हेल्पलाइन लोगों की समस्याएं दूर कर पा रहे हैं या नहीं, यह एक चर्चा का विषय हो सकता है। वैशाली नगर विधायक ने जिस तरह से लोगों की समस्याएं दूर करने व्यक्तिगत रूप से एक नया प्लेटफार्म बनाया है उससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन काम नहीं कर रहे, यह सिर्फ कागजों पर हैं।
श्री चंद्राकर ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ जन शिकायत पोर्टल “निदान” 1100 की शुरुआत काफी समय से की गई है और यह असरकारक भी है। इस पोर्टल में आम जनता किसी भी क्षेत्र की समस्या रख सकती है जिसका समाधान त्वरित गति से होने का दावा प्रदेश सरकार करती है। इसके अलावा पुलिस से संबंधित, महतारी एक्सप्रेस, संजीवनी एक्सप्रेस, स्वास्थ्य सेवा एवं परामर्श केंद्र, वीमेन हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, विद्युत समस्या, राशन कार्ड, रेलवे एवं किसानों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए दर्जन भर से ज्यादा हेल्पलाइन मौजूद हैं।
श्री चंद्राकर ने कहा कि ऐसा लगता है इन प्रदेश सरकार द्वारा जारी इन हेल्पलाइनों को विधायक असरहीन समझते है यही कारण है कि 57 लाख रुपए खर्च कर उन्होंने एक नया पोर्टल जनता कमल सेतु बनाया है। दावा किया जा रहा है कि इस पोर्टल से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकारी कामकाज में जवाबदेही बढ़ेगी तो यह हास्यास्पद है। वह जानना चाहेंगे कि क्या प्रदेश सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइनो पर भ्रष्टाचार होता है या फिर अधिकारी इन हेल्पलाइनों को नजरअंदाज करते हैं। इसके अलावा विधायक के पास इतनी बड़ी राशि किस मद से आ रही है। यह भी लोग जानना चाहेंगे, जनप्रतिनिधि भी यह जानना चाह रहे हैं। क्योंकि यदि एक विधानसभा में इस तरह बड़ी राशि खर्च करके पोर्टल बनाया जा सकता है तो फिर अन्य विधानसभाओं में क्यों नहीं ?
श्री चंद्राकर ने कहा कि अच्छा यह होता कि नया पोर्टल शुरू करने की बजाय पहले से चल रहे हेल्पलाइनों की कार्य प्रणाली को विधायक और चुस्त दुरस्त करते। अक्सर सुनने में आता है कि हेल्पलाइन काम नहीं करते। कई बार इमरजेंसी की स्थिति में दिए गए हेल्पलाइन नकारा साबित होते हैं।




