- April 13, 2026
न पानी, न सफाई, न व्यवस्था- निराश जनता ने फिर किया अरुण वोरा को याद,पूर्व विधायक ने लगाई जन चौपाल

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
पटरीपार क्षेत्र के एक वार्ड में दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा एक परिवार में हुए निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे तो वार्डवासियों ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।हमेशा की तरह वोरा ने धैर्यपूर्वक एक-एक नागरिक की बात सुनी और वहीं तत्काल जन चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया।
इस दौरान वार्डवासियों ने बताया कि उन्हें कई मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें प्रमुख रूप
सबसे बड़ी आवश्यकता पटरीपार क्षेत्र मुक्तिधाम (श्मशान घाट) की है। वर्तमान में अंतिम संस्कार के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे दुख की घड़ी में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही जल आपूर्ति की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। रहवासियों ने बताया कि नियमित पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण मोटर पंप की स्थापना अत्यंत आवश्यक हो गई है।
क्षेत्र में मवेशियों की भरमार से सड़कों पर आवागमन बाधित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वहीं, सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है—नालियां जाम पड़ी हैं और कचरे का नियमित उठाव नहीं हो रहा, जिससे गंदगी फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।इसके अलावा भी वार्डवासियों ने कई गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। सड़कें जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। स्ट्रीट लाइट की कमी और खराब स्थिति के चलते रात में अंधेरा छाया रहता है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
नालियों का अभाव या अधूरा निर्माण होने के कारण बारिश के दिनों में जलभराव आम बात हो जाती है। वहीं, पीने के स्वच्छ पानी की अनियमित आपूर्ति से लोग विशेष रूप से प्रभावित हैं। क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है, क्योंकि नियमित फॉगिंग और साफ-सफाई नहीं की जा रही है।साथ ही कचरा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे क्षेत्र की स्थिति और भी दयनीय हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो स्थिति और भी विकट हो सकती है।
वार्डवासियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में दुर्ग शहर की जो स्थिति हुई है, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को लेकर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आम नागरिक खुद को उपेक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं।




