- May 26, 2026
निस्तारी तालाब ठेठवार डबरी चढ़ा अवैध, कब्जा की भेंट,बिचौलिए के हौसले बुलंद

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। समीपस्थ ग्राम नगपुरा में नगपुरा-बोरई मार्ग पर स्थित निस्तारी तालाब ठेठवार डबरी का लगभग एक चौथाई भाग बिचैलियों के व्दारा अवैध कब्जा कर पटवा दिया गया है। जिससे लोगों को एवं जानवरों के लिए गंभीर पेयजल संकट की समस्या हो रही है। उतना ही नहीं मलमा से पटवाने के कारण जानवरों को तालाब में उतरना चढऩा भी मुश्किल हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि बस स्टैंड नगपुरा से बोरई रोड पर स्थित पुराना निस्तारी तालाब ठेठवार डबरी है। जिसका पटवारी हल्का नं. ०३ है, जिसका खसरा नं.१८२८ एवं पुराने रिकार्ड के अनुसार रकबा १.१३ हेक्टेयर है। किंतु वर्तमान में उक्त तालाब के लगभग एक चौथाई भाग पर पूर्व सरपंच श्री टेटकूराम साहू के सुपुत्र प्रशांत साहू ने पटवाकर जालीतार से घेरा लगवा कर अवैध कब्जा कर लिया है। इस संबंध में प्रशांत साहू ने बताया कि उक्त जमीन अपनी मां चंद्रकला साहू के नाम से लगभग ७००० वर्ग फीट जमीन को रजिस्ट्री करवा लिया है। जबकि उक्त जमीन सदियों से घास जमीन था, किंतु शासकीय घास जमीन की रजिस्ट्री होना लोगों के समझ से परे है। ग्रामीणों का कहना है निश्चित रूप से अधिकारियों की सांठ गांठ के उक्त बेशकीमती जमीन का रजिस्ट्री करवा लिया होगा। वहीं प्रशात साहू व्दारा रजिस्ट्री का कापी लोगों को दिखाने से भी इंकार किया जा रहा है जो कि संदेह के घेरे में है। स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायत नगपुरा व्दारा शासकीय ठेठवार डबरी का सीमांकन करवाने का आवेदन नायब तहसीलदार को दिया जया जिस पर अमल करते हुए दिनांक २१-५-२०२६ को उक्त तालाब के सीमांकनकरने का आदेश तहसीलदार व्दारा आरआई को दिया गया। किंंतु आरआई व्दारा सीमांकन करने के बाद भी लोगों को संतुष्ट नहीं किया गया कि वास्तविक में प्रशांत साहू के व्दारा तालाब के हिस्से का कितना जमीन अवैध रूप के काबिज किया गया है। जो कि संदेहास्पद है।
उल्लेखनीय है कि उक्त सीमांकन के दौरान तालाब के चारों ओर के किसानों सहिते प्रशांत साहू को सूचना दी गई थी, किंतु प्रशांत साहू व्दारा उस सूचना को अमान्य करते हुए, सीमांकन के दौरान उपस्थित नहीं हुए, अंतत: आरआई नेे गांव के संंबंधित किसानो एवं ग्राम पंचायत के उपसरपंच एवं पंचों की उपस्थिति में सीमांकन किया गया। इस प्रकार प्रशांत साहू व्दारा सीमांकन के दौरान उपस्थित न होना एवं सीमांकन को टालने का प्रयास भी संदेहास्पद है। अत: ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से उस अवैध रूप से काबिज शासकीय घास जमीन की निष्पक्ष जांच कर अवैध पाए जाने पर रजिस्ट्री रद्द करने की मांग जिलाधीश से की है। अवैध कब्जे मामले में सरपंच ने भी आपत्ति जताई है।
वहीं प्रशांत साहू व्दारा एक दूसरे बेशकीमती शासकीय घास जमीन खसरा नं. १८४७ रकबा ०.९२ हेक्टेयर पर भी जो कि नगपुरा-बोरई मार्ग से जुड़ा हुआ है, जालीतार का घेरा लगवाकर अवैध रूप से काबिज किया गया है। इस जमीन के सामांकन के लिए भी पंचायत व्दारा तहसीलदार को आवेदन दिया गया है। इस संबंध में प्रशांत साहू का कहना है, कि उन्होंने उक्त जमीन को भी जो कि लगभग ११००० हजार वर्ग फीट है। उन्होंने अपने नाम से रजिस्ट्री करवाने का झांसा ग्रामीणों को दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि, प्रशांत साहू व्दारा बेशरीमती मेन रोड से लगे शासकीय घास जमीन का रजिस्ट्री किस आधार पर किया गया है। और यदि शासकीय जमीन का रजिस्ट्री हुआ है तो वह नाजायज है। अत: उसे निरस्त करने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने जिलाधीश से निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिससे बेशकीमती शासकीय जमीन को बिचौलियों से बचाया जा सके।




