• June 14, 2026

स्कूल खुलने से पहले वोरा ने कहा -जर्जर स्कूलों में बच्चों को हादसे का डर, सरकार को नहीं दिख रही बदहाली

स्कूल खुलने से पहले वोरा ने कहा -जर्जर स्कूलों में बच्चों को हादसे का डर, सरकार को नहीं दिख रही बदहाली

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

 

दुर्ग। प्रदेश में 16 जून से स्कूल खुलने जा रहे हैं, पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने दुर्ग के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति उजागर की है.वोरा ने चर्चा के दौरान कहा कि शिक्षा व्यवस्था पहले से ही शिक्षकों की कमी और प्रशासनिक अव्यवस्था से जूझ रही है। उन्होंने बताया कि दुर्ग जिले में लगभग 1100 सहायक शिक्षकों, 250 स्वामी आत्मानंद विद्यालयों से जुड़े शिक्षकीय पदों तथा 340 स्कूलो में मरम्मत की आवश्यक स्वीकृतियों के संबंध में लंबे समय से प्रक्रिया लंबित है। जर्जर भवन, टपकती छतें, टूटता प्लास्टर, बदहाल शौचालय और सुरक्षा के नाम पर शून्य व्यवस्था—ये तस्वीरें शिक्षा व्यवस्था की हैं. कई क्षेत्रों में भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यालयों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।उन्होंने शासन एवं शिक्षा विभाग से इन समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।

निरीक्षण के दौरान पोटिया, झुग्गीपारा और बोरसीभाठा के स्कूलों में गंभीर खामियां मिलीं, जिनसे सैकड़ों विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।पोटिया शासकीय विद्यालय में स्थिति सबसे चिंताजनक पाई गई। विद्यालय भवन को खतरनाक घोषित कर हटाने की मांग पिछले तीन वर्षों से की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। बरसात में स्कूल परिसर में तीन फीट तक पानी भर जाता है, जिससे करीब 250 विद्यार्थियों को हर साल भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।झुग्गीपारा शासकीय विद्यालय में एक माह पहले कक्षा कक्ष में आग लगने की घटना हुई थी, लेकिन आज तक क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत नहीं हुई।260 विद्यार्थी उसी परिसर में पढ़ाई करने वाले हैं। बोरसीभाठा विद्यालय की स्थिति भी किसी खंडहर से कम नहीं मिली। कक्षाओं में पानी का रिसाव, छत से झड़ता प्लास्टर और बदहाल शौचालय छात्रों को असुरक्षित माहौल में पढ़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी आशंका जताई कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।वोरा ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, लेकिन अनेक स्कूलों की छतें टपक रही हैं, दीवारों में दरारें हैं। ऐसे में सरकार को सबसे पहले स्कूल भवनों की मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

निरीक्षण के बाद वोरा ने जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा से दूरभाष पर चर्चा कर तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्कूलों की यह बदहाल स्थिति भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।वोरा ने आरोप लगाया कि सरकार विज्ञापनों और सरकार में मंत्र और अन्य गतिविधियों को लेकर निर्देश जारी करने में व्यस्त है.उन्होंने मांग की स्कूल खुलने से पहले राज्यभर के जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे कराया जाए और जहां खतरा है वहां तत्काल मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

निरीक्षण के दौरान भोजराम यादव, अनुप चंदिया, संतोष चंदिया, ज्ञानदास बंजारे, राकेश साहू एवं सुधीर चंदेल सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


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