- June 23, 2026
पौने दो साल से बनकर तैयार सार्वजनिक शौचालय का ताला आखिर कब खुलेगा?

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। दुर्ग शहर के वार्ड नंबर 48 का उत्कल नगर शहर का एकमात्र ऐसा मोहल्ला है जहां के 70 प्रतिशत से ज्यादा घरों में निजी शौचालय नही हैं। ये झोपड़ी नुमा घर इतने छोटे हैं कि शौचालय बनाने की जगह ही नहीं है। वे वर्षों से सार्वजनिक शौचालय की बाट जोह रहे हैं। न्यू पुलिस लाईन के पास सार्वजनिक शौचालय बन भी गया है। थोड़ा सा ही काम बाकी है लेकिन निर्माण के बाद भी पिछले पौने दो साल से वहां ताला लटक रहा है। बचे हुए नाममात्र के काम को पूरा कर इस शौचालय का लोकार्पण करने में नगर निगम प्रशासन पता नहीं किस शुभ मुहूर्त की प्रतिक्षा कर रहा है? कांग्रेस के नगर निगम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अब्दुल गनी, देवकुमार जंघेल, लिखन साहू, वार्ड क्रमांक 48 पूर्व पार्षद महेश्वरी ठाकुर, पूर्व पार्षद अमृत लोढ़ा, संजय सिंह, भोला महोबिया, मनोज चंद्राकर, मनीष यादव, डॉ. छत्रसाल गायकवाड, राजकुमार वर्मा, युवराज ठाकुर, आदि ने उत्कल नगर के लोगों से चर्चा करने के बाद उक्त शौचालय का अवलोकन किया और निगम प्रशासन से मांग की है कि उसका जो पांच-सात प्रतिशत काम बचा है उसे तत्काल पूरा कराकर उसे प्रारंभ कराया जाए ताकि उत्कल नगर के बाशिंदों की विकट समस्या का समाधान हो सके, जो शौचालय के अभाव में कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर नित्यकर्म से निवृत्त होने जाते हैं। खासतौर पर महिलाओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पहले वे रेल पटरी के पास जाते थे लेकिन रेलवे प्रशासन ने सख्ती बरती और कई लोगों के खिलाफ एफआईआर तक करा दी। ठगड़ा बांध के सौंदर्यीकरण के बाद और ताल पुरी में फैंसिंग लगने के बाद अब उन्हें कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। महिलाओं को तो अंधेरा होने की प्रतिक्षा करनी पड़ती है। उनकी इस समस्या का समाधान करने तात्कालीन पार्षद महेश्वरी ठाकुर के प्रयास से पहले बस्ती के पास ही सार्वजनिक शौचालय स्वीकृत हुआ लेकिन इसके लिए खोदे गए गढ्ढे मे गिरकर एक बच्चे की मौत होने की दुखद घटना के बाद इसका विरोध होने से शौचालय निर्माण नहीं हो पाया। बाद में न्यू पुलिस लाइन के पास पुलिस कर्मियों के विरोध के बावजूद इसका निर्माण हुआ। थोड़ा सा ही काम बचा था और नगर निगम में सत्ता बदल गई। नतीजतन इसका काम रोककर वहां ताला जड़ दिया गया। इससे उत्कल नगर के लोग आज भी परेशानी उठा रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन से इसकी सुध लेकर इसे जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग की है।




