- June 27, 2026
दुर्ग के 100 वर्ष पुराने डीईओ कार्यालय भवन का होगा नवनिर्माण, मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। दुर्ग जिला मुख्यालय स्थित 1904 में बने 100 वर्ष से अधिक पुराने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय भवन का शीघ्र ही नवनिर्माण किया जाएगा। लंबे समय से जिले की शिक्षा व्यवस्था के संचालन का केंद्र रहे इस ऐतिहासिक भवन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। जर्जर हो चुके वर्तमान भवन के स्थान पर बनने वाला नया कार्यालय शिक्षा प्रशासन को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी, पारदर्शी एवं जनसुविधा के अनुरूप बनाएगा।
नवीन भवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण, अभिलेखों के सुरक्षित संधारण, डिजिटल कार्यप्रणाली तथा शिक्षक, पालक एवं आम नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी।
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि जिले की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का प्रमुख केंद्र होता है। यहीं से विद्यालयों के संचालन, शिक्षकों की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों के हितों, शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचारों तथा शासन की शिक्षा संबंधी योजनाओं का प्रभावी संचालन और अनुश्रवण किया जाता है। इसलिए इस कार्यालय का आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नया भवन राशि स्वीकृति होने के बाद निर्माण प्रारंभ होगा। आज इंजीनियर के साथ पुराना भवन का निरिक्षण कर जल्द ही ड्राइंग डिज़ाइन तैयार करने निर्देश दिए। उन्होंने आगे कहा की शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत आधारभूत संरचना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव होती है। बेहतर कार्यालयीन व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है, जिससे विद्यालयों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचता है और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में केवल विद्यालयों के उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा से जुड़े प्रत्येक संस्थान एवं प्रशासनिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। दुर्ग के डीईओ कार्यालय का नवनिर्माण इसी सोच का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और नई मजबूती प्रदान करेगा।




