- July 15, 2026
जगन्नाथ रथयात्रा पर श्री लंगूरवीर मंदिर में होगा शिखर ध्वजारोहण, महापौर अलका बाघमार करेंगी नया ध्वजा अर्पित

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। भगवान श्री लंगूरवीर मंदिर, शनिचरी बाजार, दुर्ग पब्लिक ट्रस्ट द्वारा भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर 16 जुलाई को सुबह 9 बजे मंदिर में वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार शिखर ध्वजारोहण का आयोजन किया गया है। इस धार्मिक आयोजन की मुख्य अतिथि नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार होंगी। कार्यक्रम के दौरान मंदिर के शिखर पर स्थापित पुरानी ध्वजा को विधि-विधान के साथ उतारकर नई ध्वजा चढ़ाई जाएगी। परंपरा के अनुसार शिखर पर नई ध्वजा का ध्वजारोहण महापौर श्रीमती अलका बाघमार के करकमलों से संपन्न होगा।
मंदिर समिति के सचिव रविशंकर ढीमर ने बताया कि यह ध्वजारोहण वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे हर वर्ष जगन्नाथ रथयात्रा के शुभ अवसर पर श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों से इस पावन आयोजन में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने तथा कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
180 वर्षों की परंपरा का साक्षी बनेगी दुर्ग की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा, किल्ला मंदिर से निकलेगा भव्य रथ
दुर्ग। शहर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान बन चुकी श्री किल्ला मंदिर, तमेरपारा की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। लगभग 180 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत विशेष रूप से तैयार किए गए विशाल रथ में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा को विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा।
रथ निर्माण का कार्य मंदिर परिसर में पारंपरिक विधि से किया जाता है। इस पुनीत कार्य में बलदेव ताम्रकार, बबला, अनिल, द्रोण, आनंद, जयनारायण, कल्याण, एनेन्द्र, रोहित, अंजय एवं अम्बर सहित अनेक श्रद्धालु महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं रथ संचालन एवं नगर भ्रमण के दौरान रथ को नियंत्रित करने और आगे बढ़ाने में बबला के नेतृत्व में द्रोण, आनंद, आशीष, नवीन, धनेन्द्र, धीरेन्द्र, बृजेश, राहुल, अतुल, रविन्द्र (चाऊ), सुनील, टोबू, रोहित, बाबू, आकाश, सौरभ, ओम, राजा, संतोष (छेदू), हनु, पिंटू, बबन, उल्लास, छगन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेवा देते हैं।
रथयात्रा तमेरपारा स्थित किल्ला मंदिर से प्रारंभ होकर बरई पारा, हटरी बाजार, जवाहर चौक, गांधी चौक, सदर बाजार, कोष्ठा पारा, ब्राह्मण पारा, चंडी चौक, मठ मंदिर, शिव पारा, गवली पारा, ढीमर पारा एवं बनिया पारा होते हुए पुनः किल्ला मंदिर लौटेगी। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए गजा-मूंग प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा सनातन परंपरा और आस्था का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि 15 दिनों के विश्राम के बाद भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजमान होकर भक्तों का कुशलक्षेम जानने नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इसी परंपरा का निर्वहन दुर्ग में भी वर्षों से श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है।
रथयात्रा के अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर तथा नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।
श्री किल्ला मंदिर समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के इस ऐतिहासिक उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।




