- August 16, 2026
बेरला से बालोद तक शौर्य की कहानी: विनय साहू को दो राष्ट्रपति वीरता पदक

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
बेमेतरा/बालोद। कुछ अधिकारी अपनी पदस्थापना से पहचाने जाते हैं, लेकिन कुछ अपनी कर्तव्यनिष्ठा, व्यवहार और साहस से ऐसी पहचान छोड़ जाते हैं, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखते हैं। ऐसे ही पुलिस अधिकारी हैं विनय कुमार साहू, जिन्होंने बेमेतरा जिले के बेरला में एसडीओपी के रूप में अपनी कार्यशैली और उपलब्धियों से अलग पहचान बनाई और आज बालोद जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विनय कुमार साहू के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि जुड़ी। उन्हें नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देने के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक (PMG) से सम्मानित किया गया है। खास बात यह है कि इस वर्ष उन्हें दो अलग-अलग नक्सल विरोधी अभियानों के लिए दो राष्ट्रपति वीरता पदक प्रदान किए गए हैं।
बेरला में एसडीओपी के रूप में छोड़ी यादगार छाप
बेमेतरा जिले के बेरला में एसडीओपी के रूप में पदस्थ रहने के दौरान विनय कुमार साहू की कार्यशैली ने स्थानीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। कानून-व्यवस्था को लेकर सजगता, आम लोगों से सहज संवाद और पुलिसिंग में सक्रियता के कारण उनकी पदस्थापना आज भी लोगों को याद है।
बेरला में उनकी सेवा अवधि को उनके परिचित और शुभचिंतक उनकी पुलिस सेवा के महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय के रूप में देखते हैं। यही वजह है कि आज जब उनके नाम के साथ राष्ट्रपति वीरता पदक जुड़ा है, तो बेमेतरा जिले में भी गर्व की अनुभूति हो रही है।
नारायणपुर के नक्सल मोर्चे पर दिखाया अदम्य साहस
विनय कुमार साहू वर्ष 2022 से 2025 के दौरान नारायणपुर जिले में उप पुलिस अधीक्षक DRG एवं नक्सल अभियान के रूप में पदस्थ रहे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलाए गए विभिन्न अभियानों के दौरान उन्होंने जोखिम भरे हालात में नेतृत्व और साहस का परिचय दिया।
नक्सल मोर्चे पर उनकी इसी वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें इस वर्ष दो अलग-अलग अभियानों के लिए दो राष्ट्रपति वीरता पदक (PMG) से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि उनके पुलिस कैरियर की सबसे गौरवपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गई है।
अब बालोद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी
नारायणपुर में कठिन नक्सल मोर्चे पर सेवाएं देने के बाद विनय कुमार साहू वर्तमान में बालोद जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। एक ओर नक्सल अभियान में वीरता का राष्ट्रीय सम्मान, तो दूसरी ओर कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा की जिम्मेदारी—उनकी पुलिस सेवा के विविध आयामों को दर्शाती है।
एक अधिकारी, कई जिम्मेदारियां और सम्मान की लंबी यात्रा
बेरला में एसडीओपी के रूप में यादगार कार्यकाल, नारायणपुर में नक्सल विरोधी अभियानों में साहसिक भूमिका और अब बालोद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी—विनय कुमार साहू की यात्रा कर्तव्य, साहस और सेवा की कहानी बयां करती है।
राष्ट्रपति वीरता पदक उनके सीने पर सजा एक सम्मान मात्र नहीं, बल्कि उन कठिन परिस्थितियों की पहचान है, जहां एक पुलिस अधिकारी ने जोखिम के बावजूद अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
बेमेतरा जिले के बेरला में अपनी बेहतरीन सेवाओं से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले और आज बालोद में पुलिस सेवा की जिम्मेदारी संभाल रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनय कुमार साहू को दो राष्ट्रपति वीरता पदक मिलने पर जिलेवासियों और उनके शुभचिंतकों में गर्व और खुशी का माहौल है।
देश जब स्वतंत्रता दिवस पर अपने वीरों को नमन कर रहा है, उसी अवसर पर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए साहस दिखाने वाले ऐसे पुलिस अधिकारियों का सम्मान इस राष्ट्रीय पर्व की भावना को और मजबूत करता है।
ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा, योगेश कुमार तिवारी, 94255 64553, 6265 741003,




