• August 23, 2026

देश के करीब 90% से ज्यादा पेट्रोल पंप,तीन बड़ी सरकारी कंपनियों के पास है

देश के करीब 90% से ज्यादा पेट्रोल पंप,तीन बड़ी सरकारी कंपनियों के पास है

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

1990 में खाड़ी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़े थे जिसके चलते दिल्ली में पेट्रोल का खुदरा मूल्य मार्च 1990 में बढ़कर ₹12रुपए23 पैसे प्रति लीटर हो गया था, वर्तमान में सांसदों को सड़क मार्ग से यात्रा के लिए और निर्वाचन क्षेत्र में आने-जाने के लिए अलग से माइलेज और यात्रा भत्ते मिलते हैं इसके अलावा उन्हें ट्रेन और साल में 34 घरेलू हवाई यात्राएं मुफ्त मिलती है, केंद्र और राज्यों के मंत्रियों को आधिकारिक कार्य के लिए सरकारी वाहन ड्राइवर और असीमित या निर्धारित कोटे के तहत ईंधन की सुविधा मिलती है, राज्य के विधायकों के लिए ईंधन और वहां भर्ती अलग-अलग है तमिलनाडु सरकार ने सभी 234 विधायकों को सरकारी वाहन के साथ ड्राइवर रख रखा और ईंधन के लिए 75000 प्रति माह देने की घोषणा की है जबकि अन्य राज्यों में यह राशि अलग-अलग तरह है, भारत में सांसदों का मूल वेतन प्रति माह 1,24,000 है, इसके अलावा उन्हें निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 84,000 और कार्यालय खर्च 60,000 मिलता है जिससे कुल मासिक भत्ता ढाई लाख से 3 लाख तक बनता है, विधायकों और राज्य के मंत्रियों का वेतन हर राज्य की विधानसभा द्वारा तय किया जाता है इसलिए अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होता है, विधायक और मंत्रियों को एक निश्चित मात्रा में मुक्त ईंधन या वाहन भत्ता मिलता है या फिर आधिकारिक गाड़ी की सुविधा दी जाती है, मंत्री ,सांसद और विधायक ,विभागीय अधिकारी जनता के सेवक हैं, जिन्हें सेवा करने के लिए एक निश्चित धनराशि दी जाती है, कभी सेवा का कोई मूल्य हुआ है, सेवा को कभी मूल्य से नहीं तोला जा सकता और जो सेवा का पैसा लेते है वह सेवक भी नहीं, ऐसे सेवक केवल अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए जनता के सेवक बनने का ढोंग करते हैं यदि ऐसा नहीं होता तो लगातार बेतहाशा पेट्रोल और डीजलों की रेट में वृद्धि नहीं होती जिस वजह से लगातार आम नागरिकों के ऊपर इसका बोझ पड़ रहा है, जो मंत्री और विधायक, सांसद अपने खर्च को सरकार से लेते हो ,वह देश से मंहगाई कम करने , रोजगार बढ़ाने और भ्रष्टाचार से मुक्त करने पेट्रोल, डीजल के दाम पर मौन हो जाते है, आम जनता पर पड़ती महंगाई की मार आखिर कब थमेगी, महंगाई कम करने देश के सेवक अपनी मुफ्त सेवाएं लेना बंद कर सकते है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति में जरूर कुछ तो सुधार होगा।
भारत में मुख्य रूप से सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र की पेट्रोल कंपनी है, सबसे बड़ी कंपनी इंडियन ऑयल है जिसके सबसे ज्यादा पेट्रोल पंप है, दूसरे नंबर में हिंदुस्तान पैट्रोलियम, और भारत पैट्रोलियम ,यह सरकारी बड़ा ब्रांड है, निजी और अन्य पेट्रोल पंपों में नायरा एनर्जी सबसे पुराना पेट्रोल पंप एस्सार तेल के नाम से जाना जाता था, जिओ ,बीपी रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की साझा कंपनी है, अंतरराष्ट्रीय कंपनी जो बड़े शहरों में अपने पेट्रोल पंप चलाती है,सेल नाम से, 1950 में भारत में पेट्रोल की कीमत लगभग 25 से 27 पैसे प्रति लीटर थी, उस समय विदेशी निजी तेल कंपनियां बर्मा शेल और एस्सो देश में ईंधन बेचती थी, जो बाद में सरकारी कंपनी बनी भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पैट्रोलियम, 1950 के दशक में ईंधन निकालने के लिए हाथों से चलने वाले पंप का उपयोग होता था, तब बाजार में विदेशी और निजी कंपनियों का वर्चस्व था जो सीमित टैंकों के जरिए सप्लाई करती थी। 1950 के दशक के बाद पेट्रोल की कीमत में लगातार वृद्धि सरकारी नियंत्रण हटने ,करो में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बदलने के कारण बढ़ गई और वर्तमान में 2026 में ₹100 से अधिक108 रुपए प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई, पेट्रोल के दामों में एक नजर 1950 में यह रेट 27 पैसे प्रति लीटर था, 1970 में 90 पैसे प्रति लीटर, 1980 में ₹4.41 पैसे प्रति लीटर, 1990 में₹4 रुपए 20 पैसे से ₹8 रुपए50 पैसे, 2000 में 26 से 29 रुपए प्रति लीटर, 2010 में 51 से 63 रुपए प्रति लीटर, 2014 में 70 से 73 रुपए प्रति लीटर, 2020 में 80 से 90 रुपए प्रति लीटर, 2026 में 108 रुपए प्रति लीटर के आसपास, यह देखने वाली बात यह है कि 1950 से 2000 तक जो रेट 25 पैसे से 26 से29 रुपए तक पहुंचे थे, वही आज 2000 से 2026 पहुंचते ही 108 रुपए के लगभग पहुंच गया, 26 जनवरी 1950 को जब भारत का संविधान लागू हुआ तब भारतीय संघ के राज्यों को चार श्रेणियां में बांटा गया था जिन में कुल मिलाकर 29 प्रशासनिक इकाइयां थी, जिन्हें चार भागों में बांटा गया था ए,बी,सी और डी, वर्ष 2026 में भारत में कुल 36 प्रमुख प्रशासनिक इकाइयां हैं जिनमें 28 राज्य,8 केंद्र शासित प्रदेश ,जिसमें भारत में लगभग 800 से अधिक जिले है। भारत में कुल सांसदों की संख्या 788 जिसमें लोकसभा 543 और राज्यसभा में 245 है कुल विधायकों की संख्या लगभग 4,123 और केंद्रीय मंत्री परिषद में 72 मंत्री है।

 

ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा, योगेश कुमार तिवारी, 94255 64553, 6265 741003,


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