- August 27, 2026
कृषि छात्रों ने कोकड़ी में किया कृषि विकास जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत विधि प्रदर्शन

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
छत्तीसगढ़ कृषि महाविद्यालय, धनोरा, दुर्ग के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने “ग्रामीण उद्यमिता जागरूकता विकास योजना “कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम कोकड़ी में छात्रों द्वारा बनाए गए कृषि सूचना केंद्र में किसानों के लिए कृषि नवाचार एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा विधि प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को आधुनिक, प्राकृतिक एवं कम लागत वाली कृषि तकनीकों, फसल सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य तथा कृषि योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में वैभव राठौर ने गुड़हल एवं गुलाब की कटिंग द्वारा प्रवर्धन तकनीक का प्रदर्शन किया तथा नैनो यूरिया एवं डी ए पी के उपयोग के बारे में बताया। ऐश्वर्या नेल्लोल ने वर्मी कम्पोस्ट बनाने की विधि का प्रदर्शन किया एवं वर्मीवॉश की उपयोगिता समझाई। शिक्षा मिश्रा ने नीम- लहसुन- अदरक आधारित वनस्पति फफूंदनाशी तथा श्वेता बिंझलेकर ने विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी दी एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता बताई। कुसुमश्री रेड्डी ने LCC (Leaf Colour Chart) एवं बर्ड पर्च की जानकारी दी। आकांक्षा बेन ने नीम गिरी अर्क के छिड़काव, लक्ष्मी साहू ने ब्रह्मास्त्र तथा सागर चौहान ने लाइट ट्रैप के उपयोग के बारे में किसानों को जागरूक किया।
इसी क्रम में संजना धीरज द्वारा विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी गयी, गुलशन मिश्रा ने किचन गार्डन, हिमांशु ने सोलर फेंसिंग एवं मोबाइल ऐप, तथा अन्वेषा तिवारी ने अजोला उत्पादन की जानकारी दी। जबकि रिया शर्मा द्वारा बोनसाई, फेरोमोन ट्रैप एवं हाइड्रो सीड प्राइमिंग के बारे में जानकारी किसान भाइयों को दी।
इस अवसर पर किसान भाई सर्वश्री गोवर्धन चंद्राकर, श्याम मुरारी सोनी, जितेंद्र साहू, अजय चंद्राकर, चेतन ठाकुर, बाबूलाल साहू, धनीराम, वेणु साहू, उमेश साहू, हेमंत साहू, टीकम साहू, रोशन ठाकुर, कृष्ण कुमार, धनंजय, युवराज कुमार, मुनेश्वरी चंद्राकर, प्रवीण ठाकुर, बोधेंद्र कुमार साहू, ओंकार प्रसाद, योगेश मंडावी, रावे समन्वयक विवेक पांडेय समेत छात्र पुष्पेंद्र प्रताप सिंह सहित ग्रामवासी उपस्थित रहें तथा छात्र छात्राओं का उत्साह वर्धन किया ।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक कृषि तकनीकों को अपनाने, उत्पादन लागत कम करने और फसल सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रेरित करना रहा। किसानों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत तकनीकों में रुचि दिखाई तथा कृषि संबंधी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। कार्यक्रम के माध्यम से टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि के लिए आधुनिक तकनीकों और प्राकृतिक संसाधनों के समन्वित उपयोग का संदेश दिया गया।




