- September 3, 2026
हलषष्ठी भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को संतान की खुशी के लिए उसके स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा व्रत

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
बलराम जन्मोत्सव, हलषष्ठी भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को संतान की खुशी के लिए उसके स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए मनाया जाने वाला यह त्यौहार माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती है, इस व्रत को मनाया जाने का पौराणिक महत्व माता देवकी और रोहिणी ने अपनी संतान की रक्षा के लिए यह व्रत किया था इस दिन हल से जूते खेत के अन्न का सेवन वर्जित होता है, कृष्ण भगवान के भाई बलराम का मुख्य अस्त्र हल था और किसी दिन उनका जन्मदिन भी मनाया जाता है, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार ,उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड में जहां धान और कृषि से संबंधित पारंपरिक व्यापार निर्भरता के कारण त्यौहार को बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है, इस त्यौहार में माता है सगरी का पूजन ,निर्माण करती है, निर्जला व्रत रखती है, भैंस के दूध दही घी महुआ के पेट फूल बस हर चावल 6 प्रकार की भाजी और भुने हुए चने का उपयोग करती है इस दिन गाय के दूध और जूते हुए अनाज का प्रयोग नहीं किया जाता, शाम को सभी महिलाएं सागरी का पूजन करने के उपरांत पर हर चावल और 6 प्रकार की भाजी का प्रसाद ग्रहण कर व्रत खोलती है, इस त्यौहार में 6 प्रकार की सामग्री ,छह प्रकार की खेल की वस्तु,छह प्रकार की कथाएं सुनने का बहुत ही महत्व है, छत्तीसगढ़ में यह पर्व बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ सभी गांव शहरों और जिलों में मनाया गया, देखिए पूरी खबर परपोड़ा गांव में कमरछठ,पर्व त्यौहार राम मंदिर के सामने कुछ इस तरह मनाया गया।
ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा, योगेश कुमार तिवारी, 94255 64553, 6265 741003,




