- September 20, 2026
डेटा विश्लेषण एवं शोध में बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण पर तीन दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग
दुर्ग। शासकीय वी.वाई.टी. पीजी स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग ने शोध एवं अकादमिक क्षमता विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “डेटा विश्लेषण एवं शोध में बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन किया। जूलॉजी विभाग द्वारा आईक्यूएसी एवं आईआईसी के तत्वावधान तथा रूसा के प्रायोजन में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिभागियों को समकालीन शोध की आवश्यकताओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यशाला के अंतिम दिवस डेटा एनालिसिस पर विशेष अकादमिक सत्र आयोजित किया गया। इसमें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित डॉ. राजीव चौधरी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर रिसोर्स पर्सन के रूप आमंत्रित थेI
उन्होंने प्रतिभागियों को डेटा के संगठन, उपयुक्त सांख्यिकीय विधियों के चयन, ग्राफिकल प्रस्तुतीकरण, परिणामों की व्याख्या तथा शोध डेटा की प्रकृति के अनुसार उपयुक्त विश्लेषणात्मक उपकरणों के चयन के बारे में जानकारी दी।
तकनीकी एवं प्रायोगिक सत्र में प्रतिभागियों को डेटा विश्लेषण के व्यावहारिक पहलुओं तथा विश्लेषणात्मक उपकरणों के उपयोग से अवगत कराया गया। इस व्यावहारिक दृष्टिकोण ने प्रतिभागियों को यह समझने में सहायता की कि सुव्यवस्थित एवं उचित रूप से विश्लेषित डेटा किस प्रकार विश्वसनीय और सार्थक शोध निष्कर्षों तक पहुँचने में सहायक होता हैl
कार्यशाला की विशेष उपलब्धि यह रही कि इसमें शोध पद्धति, डेटा विश्लेषण और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे परस्पर जुड़े हुए अकादमिक क्षेत्रों को एक ही मंच पर समाहित किया गया। इससे प्रतिभागियों को शोध की संपूर्ण प्रक्रिया को अधिक व्यापक दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्रों में प्रतिभागियों ने प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी शोध संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
कार्यशाला के आयोजन को महाविद्यालय की शोध एवं नवाचार-उन्मुख अकादमिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। प्राणी शास्त्र विभाग द्वाराI आयोजित यह पहल विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध-कौशल, डेटा-आधारित निर्णय क्षमता तथा बौद्धिक संपदा के प्रति जागरूकता विकसित करने में सहायक रही।
कार्यशाला के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अपने अनुसंधान कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से करने, अपने डेटा का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करने, अपने नवाचारी विचारों की सुरक्षा करने तथा आधुनिक डिजिटल तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने में सहायक सिद्ध होंगे।
कार्यशाला के समापन अवसर पर संयोजक एवं प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या के. मिंज ने तीन दिवसीय कार्यशाला का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अंतिम दिवस के सत्र का समन्वय शोधार्थी सुश्री प्राची चंद्राकर एवं सुश्री संध्या सिंह ने किया। सहायक प्राध्यापक डॉ. नीरू अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला के सफल आयोजन में जूलॉजी विभाग की डॉ.ऊषा साहू, डॉ. नीरू अग्रवाल, डॉ. मौसमी डे, डॉ. अलका मिश्रा ,डॉ. संजू सिन्हा , श्री सुदेश साहू , अनुराग मिश्रा, गोपाल राम एवं प्रीति चंद्राकर,का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जूलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला संयोजक डॉ. दिव्या के. मिंज तथा विभागीय टीम ने कार्यशाला का सुव्यवस्थित संचालन किया।




