- September 22, 2026
भूपेश बघेल के काफिले पर हमला लोकतंत्र के लिए काला संकेत, दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई : आर. एन. वर्मा

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
असम में चुनावी कार्यक्रम से लौटते समय छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री भूपेश बघेल के काफिले पर पथराव तथा कथित रूप से एसिड फेंके जाने की घटना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। मैं इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह घटना केवल श्री भूपेश बघेल पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की उस भावना पर हमला है जिसमें हर राजनीतिक दल और उसके नेताओं को निर्भय होकर जनता के बीच अपनी बात रखने का अधिकार है।
आर. एन. वर्मा ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, भय और अराजकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि किसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता के काफिले को निशाना बनाया जाता है, तो यह राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि असम सरकार और मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा को इस मामले में केवल बयानबाजी तक सीमित न रहकर तत्काल उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करानी चाहिए। घटना के पीछे कौन लोग थे, हमला किस उद्देश्य से किया गया और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई—इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आर. एन. वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाएं और कानून का राज स्थायी होना चाहिए। चुनाव के समय विपक्षी नेताओं को डराने या उनके राजनीतिक कार्यक्रमों को बाधित करने की कोई भी कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
उन्होंने चुनाव आयोग से भी मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि चुनाव भयमुक्त, निष्पक्ष और शांतिपुण निष्पादित हो।




