- September 24, 2026
जनगणना प्रपत्र में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने की मांग

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा आज माननीय जिलाधीश महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपकर जाति जनगणना को वैज्ञानिक, प्रमाणिक, पारदर्शी एवं नीति निर्माण के लिए उपयोगी बनाए जाने की मांग की गई। ज्ञापन में विशेष रूप से OBC श्रेणी की स्पष्ट गणना, मानकीकृत जाति सूची, प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ट वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
ज्ञापन प्रदेश कांग्रेस कमेटी अन्य पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष श्री केशव चंद्राकर के निदेश में दिया गया। उक्त ज्ञापन में कहा गया कि भारत की सामाजिक संरचना अत्यंत विविध और व्यापक है। देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में एक ही जाति या समुदाय के अलग-अलग नाम, स्थानीय नाम, उच्चारण और वर्तनी प्रचलित हैं। ऐसी परिस्थितियों में जातियों की पहचान के लिए यदि एक समान और वैज्ञानिक व्यवस्था नहीं अपनाई गई तो आंकड़ों में भ्रम, दोहराव अथवा विसंगति की संभावना बनी रह सकती है।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग श्री धीरज बाकलीवाल ने मांग की कि जाति जनगणना के लिए देशभर में एक समान, स्पष्ट एवं अद्यतन मानकीकृत जाति सूची तैयार की जाए। प्रत्येक जाति एवं समुदाय को एक विशिष्ट वैज्ञानिक कोड प्रदान किया जाए, ताकि अलग-अलग नामों से दर्ज होने वाली समान जातियों की पहचान स्पष्ट हो सके और भविष्य में प्राप्त आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।
जिला कांग्रेस कमेटी (अन्य पिछड़ा वर्ग) अध्यक्ष शिशिर कांत कसार ने OBC वर्ग की गणना को विशेष रूप से स्पष्ट एवं व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने की मांग की उन्होंने। कहा कि प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध होने पर ही सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक स्थिति का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा तथा आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं और नीतियों के निर्माण में आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि जाति जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह देश की सामाजिक वास्तविकताओं को समझने का वैज्ञानिक आधार बने। इसके लिए आंकड़ों का संकलन आधुनिक तकनीक, स्पष्ट मानकों और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि एक ही जाति के विभिन्न क्षेत्रीय एवं पर्यायवाची नामों को वैज्ञानिक तरीके से मैप किया जाए, ताकि एक ही समुदाय की अलग-अलग नामों से पुनरावृत्ति न हो। साथ ही जातियों के वर्गीकरण के लिए विशेषज्ञों की सलाह एवं आवश्यक वैज्ञानिक पद्धति अपनाए जाने की मांग की गई।
सही आंकड़े ही सही नीति की मजबूत नींव होते हैं। इसलिए जाति जनगणना की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे प्राप्त आंकड़े भविष्य में सामाजिक न्याय, समान अवसर और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण में प्रभावी एवं विश्वसनीय आधार बन सकें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री धीरज बाकलीवाल, वरिष्ठ नेता राजेश यादव, ब्लॉक अध्यक्ष आनंद कपूर ताम्रकार, अल्ताफ अहमद, मुकेश साहू बिजेन्द्र भारद्वाज, केशव सिन्हा मोहित वाल्दे अशोक मेहरा सुनीत घोष राजकुमार साहू चिराग़ शर्मा आयुष शर्मा हिमांशु शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।




