- September 25, 2026
नगरोथान योजना से शहर में सड़क, नाला एवं जल अधोसंरचना के कार्यों को गति 45.12 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य को जल्द पूरा करने निर्देश

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग। दुर्ग शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर महापौर अलका बाघमार ने आज अपने कक्ष में समीक्षा बैठक ली। बैठक में लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर,कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा,अधिकारी प्रकाश चंद् थवानी, सहायक अभियंता गिरीश दीवान,सहायक अभियंता संजय ठाकुर, सहायक अभियंता राजेन्द्र ढाबाले, सहायक अभियंता हरिशंकर साहू,सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। महापौर ने विभागवार कार्यों की जानकारी लेते हुए निर्माण एवं विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति, कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा तथा सामने आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
समीक्षा बैठक के दौरान महापौर अलका बाघमार ने विशेष रूप से अप्रारंभ विकास एवं निर्माण कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, ऐसे सभी कार्यों की आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण कराकर उन्हें जल्द से जल्द प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
महापौर अलका बाघमार ने कहा नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा नगरोथान योजना के अंतर्गत शहर में सड़क चौड़ीकरण, फोरलेन निर्माण, नाला निर्माण तथा जल अधोसंरचना के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। 21 सितंबर 2026 की स्थिति के अनुसार योजना के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में कुल 7 प्रमुख विकास कार्यों के लिए 4512.03 लाख रुपये अर्थात लगभग 45.12 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि निर्धारित है।
नगरोथान योजना के प्रथम चरण में दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इनमें राजेंद्र पार्क चौक से शहीद चौक होते हुए
आई.एच.एस.पी. तक सड़क चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण कार्य की स्वीकृत लागत 1102.15 लाख रुपये (लगभग 11.02 करोड़ रुपये) है। इसी प्रकार धमधा मार्ग से आदित्य नगर होते हुए रायपुर नाका अंडरब्रिज की ओर तथा हनुमान नगर होते हुए जुनवानी रोड तक फोरलेन निर्माण की स्वीकृत लागत 983.75 लाख रुपये (लगभग 9.84 करोड़ रुपये) है। दोनों कार्यों में निविदा प्रक्रिया पूर्ण होकर कार्यादेश जारी किया जा चुका है।
द्वितीय चरण में सड़क चौड़ीकरण सहित पीएम आवास मार्ग का विकास
द्वितीय चरण में नालंदा परिसर पहुंच मार्ग सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए 78.04 लाख रुपये की स्वीकृत लागत है। वहीं गुंडरदेही रोड से गीठन होते हुए प्रधानमंत्री आवास (ए.एच.पी.) कॉलोनी, होते हुए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय एवं पोटिया चौक तक सड़क चौड़ीकरण कार्य की स्वीकृत लागत 1383.52 लाख रुपये (लगभग 13.84 करोड़ रुपये) है।
इसके अलावा उरला मुख्य मार्ग से प्रस्तावित एस.टी.पी. तक सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए 297.04 लाख रुपये (लगभग 2.97 करोड़ रुपये) की स्वीकृत लागत निर्धारित है। इस कार्य का कार्यादेश भी जारी किया जा चुका है।
तृतीय चरण में नाला निर्माण और जलागार क्षेत्र का विकास
नगरोथान योजना के तृतीय चरण में वार्ड क्रमांक 18, अम्बेडकर आवास से शक्ति नगर नाला, छत्री नगर से रजत हॉम्स, टोल प्लाजा से धमधा रोड एवं आयुर्वेद हॉस्पिटल से शक्ति नगर नाला तक नाला निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसकी स्वीकृत लागत 363.83 लाख रुपये (लगभग 3.64 करोड़ रुपये) है तथा निविदा दर स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
इसी चरण में निकाय के फिल्टर प्लांट, इंटेकवेल एवं उच्च स्तरीय जलागार क्षेत्र का उन्नयन कार्य भी प्रस्तावित है, जिसकी स्वीकृत लागत 303.70 लाख रुपये (लगभग 3.04 करोड़ रुपये) है। इस कार्य की भी निविदा दर स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
नगर निगम के इन कार्यों से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी, यातायात व्यवस्था, जल निकासी तथा पेयजल अधोसंरचना को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। निगम प्रशासन द्वारा स्वीकृत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों से चल रहे कार्यों की प्रगति, पूर्ण हो चुके कार्यों तथा आगामी कार्यों की स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई।
उन्होंने नगरोंत्थान कार्यों की गति अपेक्षाकृत धीमी है, उनमें आवश्यक समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति दी जाए।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास एवं निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता तथा निर्धारित मापदंडों का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।




