- October 1, 2026
उतई आंदोलन मामले में राकेश ठाकुर समेत 9 कांग्रेस नेताओं को न्यायालय से जमानत

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। उतई थाना क्षेत्र में 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म एवं हत्या के प्रयास की घटना तथा क्षेत्र में कथित रूप से संचालित अवैध शराब कारोबार के विरोध में कांग्रेस द्वारा किए गए आंदोलन के मामले में गुरुवार को पुलिस ने दुर्ग न्यायालय में चालान पेश किया। मामले में जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर सहित 9 कांग्रेस नेताओं ने न्यायालय में उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
प्रकरण की सुनवाई न्यायाधीश ईशान व्यास की अदालत में हुई। कांग्रेस नेताओं की ओर से कांग्रेस विधि विभाग के अधिवक्ता प्रीतम देशमुख, घनश्याम साहू, सौरभ ताम्रकर, दलेश्वर बंजारे एवं जय डहरिया ने पैरवी करते हुए सभी आरोपियों को नियमित जमानत दिए जाने का निवेदन किया। न्यायालय ने सभी 9 कांग्रेस नेताओं को जमानत का लाभ देते हुए रिहा कर दिया।
पूरी न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान दुर्ग न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न्यायालय पहुंचकर राकेश ठाकुर सहित सभी 9 नेताओं के प्रति एकजुटता व्यक्त की। न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न्यायालयीन प्रक्रिया पर विश्वास जताया।
मामला अप्रैल 2026 में उतई क्षेत्र में 5 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म एवं हत्या के प्रयास की संवेदनशील घटना के विरोध से जुड़ा है। घटना के बाद जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मिनी माता चौक, उतई में विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था तथा क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार के आरोपों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और गृह मंत्री विजय शर्मा का पुतला दहन किया गया।
पुतला दहन के दौरान पुलिस द्वारा पुतला बुझाने एवं उसे कब्जे में लेने के प्रयास के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान हुई। इसी दौरान आरक्षक गिरधर मंडावी का हाथ आग की चपेट में आने से झुलस गया था। घटना के बाद उतई थाना पुलिस ने प्रारंभ में अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में जांच के दौरान कांग्रेस के 9 नेताओं को इस प्रकरण में आरोपी बनाया गया और मई 2026 में उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुचलके पर रिहा किया गया था।
इस मामले में पुलिस ने जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, उतई नगर अध्यक्ष प्रहलाद वर्मा, नगर पंचायत उतई नेता प्रतिपक्ष द्वारिका साहू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डिकेंद्र हिरवानी, गुलशन शर्मा, जिला सचिव लोचन यादव, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र बंजारे, सत्यप्रकाश कौशिक एवं दिवाकर गायकवाड़ को आरोपी बनाया है।
न्यायालय परिसर में पेशी के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि एक मासूम बच्ची के साथ हुई गंभीर घटना के विरोध और क्षेत्र की जनता की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था के सवाल को लेकर था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बच्ची को न्याय दिलाने तथा क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ लगातार आवाज उठाई थी। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर अवैध शराब कारोबार को लेकर नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस-प्रशासन को शिकायतें दी गई थीं, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
राकेश ठाकुर ने कहा कि पुतला दहन कार्यक्रम की सूचना पुलिस प्रशासन को पहले से दी गई थी और मौके पर पुलिस बल भी मौजूद था। उनके अनुसार, पुतला छीनने और बुझाने के प्रयास के दौरान हुई खींचतान में आरक्षक के झुलसने की घटना हुई, जिसका उन्हें खेद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने कानून को अपने हाथ में लेने का प्रयास नहीं किया और न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अपना पक्ष रखा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामलों में कार्रवाई को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है। उन्होंने प्रशासन से कानून के समक्ष समान व्यवहार की मांग की।
मूल घटना में न्यायालय का फैसला
राकेश ठाकुर ने कहा कि जिस हृदयविदारक घटना के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन किया था, उस मूल आपराधिक प्रकरण में न्यायालय द्वारा फैसला सुनाया जा चुका है। विशेष न्यायालय ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के लिए न्याय की लड़ाई में न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि एवं आजीवन कारावास की सजा सुनाया जाना महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने घटना के समय भी बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिलाने तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कानून-व्यवस्था की मांग की थी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए वे आगे भी इस प्रकरण में अपना कानूनी पक्ष मजबूती से रखते रहेंगे।




