- October 7, 2026
मनोज लेआउट में प्लाट खरीदने जा रहे हैं तो हो जाएं सावधान..! 30 साल पहले बिक चुकी जमीन का दुबारा नामांतरण कराकर अवैध प्लांटिंग कर विक्रय,35 लोगो की हो सकती है रजिस्ट्री शून्य

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। दुर्ग राजनांदगांव बाईपास मार्ग पर टोल प्लाजा के समीप स्थित मनोज ले आउट में प्लाट व जमीन खरीदने जा रहे लोगों को सावधान हो जाने की जरूरत है। इसका खुलासा लगभग तीस साल पहले बिक चुकी जमीन का दुबाग नामांतरण कराकर अवैध प्लाटिंग करके विक्रय से हुआ है। इसका शिकार लगभग 35 लोग बने है जिन पर रजिस्ट्री शून्य हो जाने का खतरा बढ़ गया है। इस मामले में डियरापारा निवासी लाखन सिंह ने सिकोला निवासी गणेश राम रमेश कुमार साहू मनोरमा साहू श्यामा बाई पिता स्व-कृष्णा राम माहू श्रीमती सरस्वती बाई पति महेश कुमार साहू व मनोज ले आउट के डायरेक्टर मनोज राजपूत पिता जवाहर राजपूत निवासी नेहरू, नगर मिलाई के विरुध्द प्रमाणिक दस्तावेज के माथ जिलाधीश व जिला पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। शिकायत कर्ता लाखन सिंह ने शिकायत में 21 अप्रेल 1993 को पहली बार हुई बिक्री का पंजीकृत विक्रय पत्र नामांतरण पंजी के साथ विभिन्न क्रेताओं का नाम व विवरण भी संलग्न किया है।
जानकारी के अनुसार सिकोलाबस्ती दुर्ग निवासी कृष्णाराम साहू आत्मज पूनाराम साहू द्वारा ग्राम करहीडीह प. ह. नं. 57 तहसील व जिला दुर्ग खसरा नं. 125/5 रकबा 0.631 हेक्टेयर बराबर 1.57 एकड़ भूमि का 21 अप्रेल 1993 को पंजीकृत बिक्री पत्र से प्रविन्दर सिंह कुलविन्दर सिंह व हरविन्दर सिंह पिता स्व रणवीर सिंह चाने सभी निवासी 26 मालवीय नगर दुर्ग को विक्रय किया गया है। जो बंदोबस्त पश्चात नया खसरा नंबर 102 दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार परविन्दर सिंह कुलविन्दर सिंह व हरविन्दर सिंह ने भूमि क्रय करने के बाद कब्जा प्राप्त कर लिया था । परन्तु भूमि क्रय करने के पश्चात भूलवश अपने नाम पर नामांतरण नहीं करा पाया था। जिसका गलत फ ायदा उठते हुए कृष्णा साहू की मृत्यु होने के पश्चात गणेश गम रमेश कुमार साहू मनोरमा साहू श्यामाबाई महेश साहू सभी पिता स्व. कृष्णा साहू का नाम राजस्व अभिलेख फ ौती नामांतरण पश्चात दर्ज किया गया। तत्पश्चात पुत्र महेश साहू की मृत्यु के बाद पुन: नामांतरण दर्ज कराकर महेश साहू के वारिस के रूप में श्रीमती सरस्वती साहू का नाम नामांतरण पंजी 20 अगस्त 2019 में दर्ज किया गया। तत्पश्चात कृष्णा साहू की पत्नी तिजिया बाई की मृत्यु होने के बाद पुन: राजस्व अभिलेख नामांतरण पंजी 15 जुलाई 2021 में फ ौती नामांतरण दर्ज किया गया है। इस प्रकार कृष्णा साहू के उपरोक्त वारिसानों द्वारा कृष्णा साहू की मृत्यु होने के पश्चात अपने नाम पर भूमि नामांतरण करा लिया गया। जिसका गलत फ ायदा उठाकर गणेश गम वगैरह द्वारा प्रापर्टी डीलर मनोज गजपूत के साथ मिलकर सांठगांठ करके बिक्री की गई है और मनोज राजपूत द्वारा उक्त भूमि का बिना कालोनाइजर लाइसेंस बिना ले आउट विना परीमशन लगभग 35 लोगो को उपरोक्त भूमि को भूखंडों में विभक्त करते हुए विभिन्न विक्रय पत्र के जरिए करोड़ो रूपए में विक्रय कर दिया गया है। यहां गौरतलब है कि एक बार विक्रय किए गए भूमि का पुन: विक्रय अवैध व शून्य विक्रय की श्रेणी में आता है। इस तरह दुबारा बिक्री में खरीदे गए 35 लोगों का विक्रय पत्रों के माध्यम से कोई हक व अधिकार प्राप्त नहीं होता। धोखाधड़ी छलकपट कूटरचना मे की गई दुबाग बिक्री की सभी रजिस्ट्री शून्य घोषित हो सकती है। उस मामले में दोषी लोगों के विरुद अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है।
इन लोगों को बेची गई है लगभग 2 करोड़ में जमीन
पहले से बिक चुकी जमीन जिन 35 लोगों को प्लाट के रूप में काट कर बेची गई है इसमें राजन कुमार दास पिता अशरफ ी लाल, हिमांशु चंद्राकर पिता हेमन्त कुमार, सोमी गुलेच्छा पति अमित गुलेच्छा, लक्ष्मीबाई पति जसराज तेजेश्वरी साहू पति भूषण लाल, जगनाथ प्रसाद पिता लक्ष्मीचंद वर्मा, महेश कुमार दुबे पिता रामकुमार, शांतीलाल जैन पिता खेतमल जैन, सैय्यद रिजवान अली पिता एजाज, जगदीश प्रसाद वर्मा पिता लक्ष्मीचंद सागर कुमार इंगले पिता अरुण कुमार, ध्रुव कुमार पंचभने पिता कौशिक, राम, कमलेश कुमार जैन पिता चंदन मान जैन रंजना सिंह पति मंगल सिंह, श्रीमती रीता सिंह राजपूत पति जितेन्द्र सिंह, शिवनारायण कुरील पिता स्व-दनकू प्रसाद, डाली चंद्राकर पिता विनय चंद्राकर, शिवनारायणकुरील पिता दनकू प्रसाद, उषा बाई जैन पति शांतिलाल जैन बिन्दु यादव पति नवीन यादव, सरोज देवांगन पति ललित कुमार देवांगन, सुप्रामंडल पति रंजीत कुमार, लक्ष्मी बाई पति जसराज, नेहा वर्मा पति सौरभ कुमार, डोमेन्द्र कुमार यादव पिता गेंद राम यादव, विद्या पान्डे पति ज्ञान प्रकाश पान्डे दिनेश जैन पिता भोजराज जैन, नूतन कुमार जंघेल पिता लेखराम जंघेल, विनीता जैन पति कमलेश जैन, गुरुजीत सिंह परमार, लक्ष्मी बाई पति जसराज, गायत्री साहू पति अजय साहू नीतू देवी पति कर वकिल प्रसाद शाह दिनेश जैन पिता भोजराज जैन यमन कुमार देवांगन पिता सुरेन्द्र कुमार शामिल है। इन सभी लोगों को जमीनों का अवैधानिक ढंग से विक्रय वर्ष 24 से 25 के बीच किया गया है।
अवैध प्लाटिंग कर बेची गयी जमीन से मनोज को मिले 1 करोड़ 20 लाख
भूमि का दुबारा नामांतरण कराने के बाद, गणेश राम रमेश साहू मनोरमा साहू श्यामा बाई व सरस्वती बाई से खरीदने का एग्रीमेन्ट जमीन कारोबारी मनोज राजपूत द्वारा एक स्टाम्प पर बनाया गया। मनोज ने खरीद कर पूरे जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम पर नहीं की और अवैध प्लाटिंग कर के लगभग दो करोड़ में लगभग तीन दर्जन लोगों को बेच दिया। एग्रीमेन्ट धारी लोगो को खड़ा करके रजिस्ट्री करायी गयी। एग्रीमेन्ट करके खरीदी और उसके विक्रय का यह कारोबार अजीबो गरीब है। उसमें एग्रीमेन्ट कर के बेचने वाले माहू परिवार को 80 लाख रुपए और एक करोड़ बीस लाख स्वयसीधे तौर पर मनोज राजपूत के हिस्से में आए है। इस जमीन के एक बड़े हिस्से की रजिस्ट्री मनोज गजपूत ने तीस लाख रूपए में अपने नाम पर कगई है।




