- October 18, 2026
बीएसपी के निजीकरण की सुगबुगाहट और अडानी के संभावित दौरे से भिलाई में भारी आक्रोश : मुकेश चंद्राकर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
भिलाई नगर। इस्पात नगरी भिलाई की पहचान भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण की आशंकाओं और अडानी समूह के संभावित दौरे की खबरों को लेकर भिलाई में भारी आक्रोश है। जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा है कि भिलाई के आम नागरिकों और श्रमिक संगठनों की चिंता बेवजह नहीं है। भिलाई स्टील प्लांट भारत-रूस मैत्री का प्रतीक और देश का पहला प्रमुख इस्पात संयंत्र है। इसके निजीकरण की खबरों से वहां के कर्मचारियों, स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों में रोजगार की सुरक्षा, कार्मिकों के न्यूनतम वेतन और टाउनशिप के भविष्य को लेकर काफी डर और गुस्सा है।
बीएसपी के निजीकरण के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे “भिलाई बचाओ आंदोलन” के विरोध में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा धरना दिए जाने के बयान को ओछी राजनीति बताते हुए श्री चंद्राकर ने कहा कि धरना देना ही है तो वे पीएमओ ऑफिस के सामने जाकर दें। स्थानीय स्तर पर विरोध का कोई औचित्य नहीं है। विधायक रिकेश सेन उस समय कहां थे जब एसीसी बिक रहा था। सार्वजनिक उपक्रम एक के बाद एक बेचे जा रहे थे।
श्री चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और हमारे नेता भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया (एक्स) पर दावा किया कि अडानी समूह के लोग भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) का मुआयना करने आने वाले हैं। यह दावा सौ फीसदी सही है। ऐसी स्थिति में न केवल भिलाई बल्कि इसके आसपास के क्षेत्र और पूरे प्रदेश में विद्रोह भड़क जाएगा। जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ जाएगी। भिलाई स्टील प्लांट के इस निजीकरण का स्थानीय स्तर पर विरोध व आंदोलन शुरू भी हो चुका है।
श्री चंद्राकर का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक-एक कर देश के अधिकांश सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में खासकर अपने मित्रों को बेच दिया है अब उनकी नजर अब इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम बीएसपी पर है। उन्होंने बताया कि
अक्टूबर 2026 की शुरुआत में रायपुर के पास रायखेड़ा में स्थित अडानी पावर प्लांट में स्थानीय छत्तीसगढ़ी मजदूरों और बाहरी मजदूरों के बीच भारी हिंसक झड़प और पथराव हो चुका है जिससे राज्य में अडानी समूह के प्लांटों को लेकर माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में बीएसपी के निजीकरण के दिशा में उठाया गया कोई भी कदम भिलाई एवं भिलाईवासियों के आक्रोश को और बढ़ाएगा।




