- October 23, 2026
फर्जी विक्रेता खड़ा कर करोड़ों की जमीन की अपने नाम कराई रजिस्ट्री आरोग्यम हास्पिटल के सामने जमीन खरीदने जा रहे हैं तो हो जाएं सावधान

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

दुर्ग। दुर्ग-राजनांदगांव बाई पास मार्ग पर आरोग्यम हास्पिटल के सामने तीन अलग अलग खसरे की करोड़ो रुपए की बेशकीमती जमीन को सुनियोजित तरीके से हड़पने का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। इसमें नकली विक्रेता खड्डा करके व कूटरचित दस्तावेज का उपयोग करके जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई गई है। जिला पुलिस अधीक्षक से इस मामले में मालवीय नगर दीपक नगर निवासी प्रविन्दर चाने पिता स्व.रणवीर सिंह चाने, नम्रता कौर चाने पति प्रविन्दर चाने एवं षड्यंत्र में शामिल धर्मेन्द्र मेश्राम पिता बिसहत मेश्राम निवासी रूआबांधा के खिलाफ शिकायत की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक ने मोहननगर थाना पुलिस को जांच करने का निर्देश दिया है और मोहन नगर थाना पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।
जानकारी के अनुसार राजस्व निरीक्षक मंडल तहसील व जिला दुर्ग के अंतर्गत ग्राम सिकोला की जिन तीन अलग अलग खसरे की जमीन की रजिस्ट्री कूटरचित दस्तावेज के साथ विक्रेता के रूप में फर्जी लोगों को खड़ा करके नम्रता कौर चाने पति प्रविन्दर चाने के नाम पर कराई गई है। वह आरोग्यम हास्पिटल के सामने रोड के उस पार स्थित है। तीनो खसरे की रजिस्ट्री कराने का मामला बेहद रोचक होने के साथ दिलचस्प है। तीनो खसरे की जमीन के विक्रय यत्र के निष्पादन व पंजीयन का काम फरवरी -मार्च 2023 की समयावधि के बीच किया गया है। इन तीनो जमीन के तीन अलग अलग विक्रेताओं के आधारकार्ड व उसमें चस्पा फोटो में भी भारी अंतर है। यही नही विक्रेता के रूप में खड़े होने वाले लोग भी फ र्जी हैं। हैरत की बात यह है कि इस पड्यंत्र में शामिल धर्मेन्द्र मेश्राम विक्रेताओं के पहचान कर्ता के साथ जिस्ट्री में गवाह भी बना है और दूसरे गवाह के रूप में खरीददार नम्रता कॉर चाने का पति प्रविन्दर चाने शामिल है।
इसमें पहला मामला ग्राम सिकोला अंदर भाग प.ह.नं. 17/8 राजस्व निरीक्षक मंडल सिकोला तहसील व जिला दुर्ग स्थित भूमि खसरा नंबर 290/34 रकबा 01780 का है जिसमें श्रीमती कुलवंत कौर पति सुन्दर सिंह निवासी जमशेदपुर झारखंड को विक्रेता के रूप में उपस्थित कराकर विक्रयपत्र का निष्पादन और पंजीयन कराया गया है। इस विक्रय पत्र में असली कुलवंत कौर के हस्ताक्षर नहीं है। वह कूटरचित व फर्जी है। इस विक्रय पत्र में कुलवंत कौर पति सुन्दर सिंह का जो आधार कार्ड संलग्न किया गया है उसमें दर्शित आधार क्रमांक 696555547690 जमशेदपुर झारखंड के पिन 831017 का नही है। आधार कार्ड में चस्पा की गई फोटो भी वास्तविक कुलविन्दर कौर की नही है। जाहिर है इसमें फर्जी को विक्रेता बनाकर खड़ा किया गया है। धर्मेन्द्र मेश्राम द्वारा इस फर्जी की पहचान असली के रूप में की गई है। धर्मेन्द्र मेश्राम को इस बात की पूरी जानकारी थी कि बिक्री पत्र में हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति वास्तविक श्रीमती कुलवंत कौर नहीं है और आधार कार्ड में कूटरचना करके किसी अन्य व्यक्ति को श्रीमती कुलवंत कौर पति सुन्दर सिंह के रूप में उपस्थित कराकर विक्रय पत्र का निष्पादन कराया गया है फिर भी फर्जी कुलवंत कौर पति सुन्दर सिंह की पहचान वास्तविक व्यक्ति के रूप में की गई है। शिकायत के अनुसार 28 फरवरी 2023 को कूटरचित दस्तावेज नकली आधार कार्ड बनाकर उसको एडिट कर उसी के आधार पर कूटरचित विक्रय पत्र का निष्पादन व निर्माण अर्जीनवीस आफि स में किया गया है और 2 मार्च 2023 को उपपंजीयक आफिस में प्रस्तुत किया गया है। करोड़ो रूपए की इस बेशकीमती जमीन के विक्रय प्रतिफ ल की रकम 33 लाख रुपए दर्शाई गई है जिसका भुगतान आईसीआईसीआईबैंक के 28 फरवरी 2023 के चेक क्रमांक 009674 से किया जाना बताया गया है। इसमें दोषी उक्त सभी लोगो के विरुद्ध बीनएस की धारा 318 (4) 335, 337 338 0 340 के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है।



