• November 1, 2026

छत्तीसगढ़ ने राज्य बनने के बाद किया तेजी से विकास, आने वाला समय आर्थिक समृद्धि की ओर

छत्तीसगढ़ ने राज्य बनने के बाद किया तेजी से विकास, आने वाला समय आर्थिक समृद्धि की ओर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

पिछले 25 वर्षों में राज्य ने प्रशासनिक आर्थिक कृषि शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में प्रगति की है 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ भारत का 26 वाँ राज्य बना , गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल 16 जिले थे,जो समय-समय पर प्रशासनिक सुविधा के लिए ,नए जिले बनाए गए ,वर्तमान में इसकी संख्या 33 हो गई है, रायपुर को राजधानी बनाया गया और उसके साथ ही एक कि वे सदी के आधुनिक और ग्रीन फील्ड शहर के रूप में नया रायपुर ,अटल नगर का विकास किया गया, राज्य बनने के समय जो अर्थव्यवस्था समिति थी वह आज राज्य घरेलू उत्पादन बढ़कर 6 लाख करोड़ से अधिक हो गई राज्य का बजट भी बढ़कर 1.65 लाख करोड़ हो गया है, न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों के हित में चलाई गई योजनाओं से धान का उत्पादन भी बड़ा और खरीदी में राज्य देश के अग्रणी राज्यों में स्थान पाया, कृषि को बढ़ावा देने के लिए राज्य भर में नेहर, तालाबों ,पंपों के कनेक्शन और सिंचाई क्षेत्र का विस्तार भी हुआ, छत्तीसगढ़ देश की प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपना स्थान बना रहा है, देश का 15% स्टील और बड़ा हिस्सा, कोयला और सौर ऊर्जा में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, कोयला भंडारण में छत्तीसगढ़ देश में तीसरा स्थान का उत्पादन कर रहा है, 35.4% हिस्सा भारत के कुल टीन भंडार का छत्तीसगढ़ का ही है, विद्युतीकरण की शुरुआत में जो काफी कम था अब वह पूर्णता की ओर है।
राज्य निर्माण के समय गिने-चुने विश्वविद्यालय और कॉलेज थे, जहां आज एम्स, आईआईटी, आई आई एम, आई आई टी ,ट्रिपल आई टी और आयुष विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित हो चुके हैं विश्वविद्यालय 4 से बढ़कर 26 हो गए हैं, शासकीय महाविद्यालय की संख्या 116 से बढ़कर 335 हुई, शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी ,हिंदी मध्यम स्कूल योजना और सरकारी स्कूलों के विकास के लिए कार्य योजना बनी, जिला अस्पतालों ,मेडिकल कॉलेज को मोबाइल, मेडिकल यूनिट के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है, आदिवासियों और वन निवासियों के लिए वन अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन भी हुआ, राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के जरिए जनजाति संस्कृति लोक कला और परंपराओं का विश्व स्तर पर वैश्विक मंच भी दिलाया गया, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना से लेकर अब तक महिला बाल विकास विभाग के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पोषण, महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण और सुरक्षा के क्षेत्र में व्यापक विस्तार किए गए, राज्य गठन के समय आंगनबाड़ियों के केदो की संख्या शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कम थी वही आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में हजारों आंगनबाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं आईसीडीएस के तहत पूरक पोषण आहार टीकाकरण स्वास्थ्य जांच और परामर्श सुविधा सुदूर और आदिवासी अंचल तक फैली, कुपोषण निवारण ,रेडी टू ईट ,महतारी वंदन योजना ,महिला स्व सहायता समूह, बिहान,लखपति दीदी योजना, कौशल मातृत्व योजना कन्या विवाह योजना ,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ,मिशन सशक्तिकरण महिला पर्यवेक्षक और मैदानी अमला प्रशासनिक एवं सेवा स्तर में कई बड़ी घोषणाएं और कार्य हुए, प्रमुख खनिजों में टीन,कोयला ,लोह अयस्क, चूना पत्थर ,बॉक्साइट आदि से छत्तीसगढ़ में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वित्तीय वर्ष 2024- 25 के अनुसार भारत में कुल खनिज मूल्य का लगभग 13.99 प्रतिशत हिस्सा केवल छत्तीसगढ़ से जाता है, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के समय की तुलना में वर्तमान में खनिज राजस्व में भारी वृद्धि हुई है, वर्ष 2025 – 26 के दौरान छत्तीसगढ़ को खनिज रॉयल्टी और राजस्व के रूप में 16,625 से 16,738 करोड़ की प्राप्ति हुई जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 14 प्रतिशत अधिक है, राज्य की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खनन और इस्पात ,बिजली उद्योग पर आधारित है जिसमें माइनिंग सेक्टर का जीएसडीपी में बड़ा हिस्सा है, जिले में खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य शिक्षा प्रयोजन और विकास के लिए जिला खनिज न्यास की स्थापना की गई,इसके तहत सभी 33 जिलों में अरबो रुपए के विकास कार्य हुए, राज्य गठन के समय केवल तीन संभाग थे ,रायपुर ,बिलासपुर , बस्तर जो बाद में सरगुजा और दुर्ग संभाग के गठन की बाद कुल पांच संभाग हो गए, सरकारी दफ्तरों के कामकाज में तेजी लाने के लिए ई ऑफिस प्रणाली की शुरुआत हुई जमीन पंजीयन करण और राजस्व से जुड़े कार्य के लिए सुगम ऐप जैसे डिजिटल सुविधा शुरू की गई, लोक सेवा केंद्रों की शुरुआत भी की गई, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन योजना, के तहत घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था, लाखों गरीबों को पक्के मकान, वन अधिकार पत्रों का वितरण और ग्राम पंचायत को वित्तीय रूप से मजबूत करने का प्रयास किया, पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया, नक्सल प्रभावित और पिछड़े क्षेत्रों में सड़क ,पुल पुलियों तथा संचार नेटवर्क का विस्तार हुआ, छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने के लिए विशेष प्रयास किया गया, छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से अब तक छत्तीसगढ़ का दोहन भी बहुत किया गया ,1 नवंबर 2000 को राज्य बनने के समय छत्तीसगढ़ की जनसंख्या 2.08 करोड़ थी, जो वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बढ़कर 3.13 करोड़ तक पहुंच चुकी है, कौशल विकास और सरकारी भर्तियां ,मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से राज्य के 39000 से अधिक युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षित किया गया, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद ऑन और शिक्षक सहायक शिक्षकों की नियमित भारतीयों के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन कर प्रक्रिया को तेज किया गया ,माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को आत्मनिर्भर करने पूर्व माओवादियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पांडुम कैफे अभिनव पहल शुरू की गई ,युवा उड़ान और महिला सशक्तिकरण , राज्योत्सव 2026 की थीम भी, सशक्त नारी ,युवा उड़ान रखी गई है इसका उद्देश्य स्वरोजगार और उद्यमाशीलता को बढ़ावा देना है , अब देखना यह होगा कि छत्तीसगढ़ का राज्य उत्सव, कितना प्रभावी और बृहद रूप से मनाया जाता है आने वाले समय में छत्तीसगढ़ विकास के किन सोपान को छूता है। जहां एक ओर तेजी से विकास हुआ ,कई योजनाएं बनी परंतु समय के साथ उन योजनाओं में भी संशोधन और पारदर्शिता लाने का प्रयास भी करना उतना ही उचित है जिस तरह से संविधान के पुराने नियमों में संशोधन की आवश्यकता होती है, जिसका मुख्य उद्देश्य बिना भेदभाव के जनता की सेवा, सुविधाओं का ख्याल रखना है।

 

 

ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा ,योगेश कुमार तिवारी, 94255 64553, 62657 41003,


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