• November 9, 2025

गिरौधपुरी बाबा गुरु घासीदास का जन्म स्थान, जहां पहुंचते हैं भक्त

गिरौधपुरी बाबा गुरु घासीदास का जन्म स्थान, जहां पहुंचते हैं भक्त

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

गिरौधपुरी बाबा गुरु घासीदास का जन्म स्थान, तपोभूमि और उनके जन्म से जुड़ी हुई बातों को जानने के लिए हम पहुंचे गिरौधा, जिसे अब वर्तमान नाम बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली के कारण गिरौधपुरी के नाम से जाना जाता है, जो भक्ति यहां आकर करते है, उनकी मनोकामना पूरी होती है ,इस तपोस्थली में साधना के कारण बाबा का आशीर्वाद सभी को मिलता है, उनसे जुड़ी हुई जन्म से लेकर कर्म तक की यात्रा को संक्षेप में दिखाने का प्रयास हमने किया है, इस प्रयास में पत्रकार होने का दंश स्वभाववश मुझे भी झेलना पड़ा है,क्योंकि हमारा काम ही है ,पूछना ,पर इससे लोग ठेस पहुंचाने में कमी नहीं करते,,फिर भी वो खबरें आप को कुछ नया सीखते रहने के लिए हम लाते है ,इस नाते कुछ लोगों के विचारों को धरातल पर हमें सहना भी पड़ता है उसके बावजूद भी हम लगातार अच्छी बातों को जनता तक पहुंचाने का काम करते रहते हैं, जहां है कि बाबा गुरु घासीदास के नाम पर ,गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी बिलासपुर में है, मनखे मनखे एक समान, #सतनाम एक सार नाम # के तपोभूमि स्थान को भव्य रूप से बनाया गया है, सतनाम समाज के लिए भी भवन, जैतखम्भ बनाए जाते है,अनेकों कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं, समाज के लोगों का भी व्यापक सहयोग मिलता रहता है, जहां एक ओर उनके गुरु को जिसने रखा, वें माता पिता पंजाब से शरणार्थी बन कर आए थे,उनके पास कुछ नहीं था,बाबा गुरु घासीदास के माता पिता को एक गोड़ परिवार ने आश्रय व अपने घर पर स्थान दिया था, और उनके पास रहने के लिए कोई आशियाना नहीं था, बाबा ने गिरौंद के छाता पहाड़ पर साधना की जहां उन्हें दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने मृत बछड़े को जीवित किया, कहते हैं यहां के अमृत कुंड के जल से ही उन्होंने अनेकों चमत्कार किए, उनकी तपस्थली और उनके साधना की जगह में प्रतिवर्ष मेला भी भरता है परंतु देखने की बात यह है कि उनके तपों स्थल से 2,3 किलोमीटर की ही दूरी पर उनका जन्म स्थान, गांव की बस्ती में है जो कि अभी तक जीर्णोद्धार निर्माण को तरस रहा है, इस तरह से टूटी हुई झोपड़ी और पास ही उनके परिवार के लोगों का मठ, एक छोटा सा तालाब इस तरीके से पसरा हुआ है जैसे की 100 वर्ष पहले था। आने जाने के लिए सीसी रोड का निर्माण तो हुआ है परंतु जिस जगह पर उनका जन्म हुआ था ,वह आज भी वैसा ही है, सोचने की बात है, जिसके नाम को गुरु के रूप में पूजा जा रहा है ,उसी का जन्म स्थान सूनेपन का शिकार है,इसे ही कहते हैं ,दिया तले अंधेरा,

ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा , योगेश कुमार तिवारी 9425564553, 6265741003,

 


Related News

धनोरा कृषि छात्रों ने किया आकाशवाणी रायपुर का भ्रमण

धनोरा कृषि छात्रों ने किया आकाशवाणी रायपुर का भ्रमण

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   छत्तीसगढ़ कृषि महाविद्यालय धनोरा, दुर्ग के बीएससी एग्रीकल्चर अंतिम वर्ष के छात्रों ने…
महिला आरक्षण पर भाजपा भ्रम फैला रही, कांग्रेस हमेशा रही महिलाओं के अधिकारों की पक्षधर: अरुण वोरा

महिला आरक्षण पर भाजपा भ्रम फैला रही, कांग्रेस हमेशा रही महिलाओं के…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   दुर्ग। महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला…
महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा के कथनी और करनी पर उठाए सवाल, भाजपा जनता को कर रही है गुमराह-कांग्रेस

महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा के कथनी और करनी…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   दुर्ग । महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर सोमवार को दुर्ग में कांग्रेस…