• December 22, 2025

फसल क्षति के बाद 1.34 लाख की सहायता ने बदली किसान भुवन दास जांगड़े के परिवार की तक़दीर

फसल क्षति के बाद 1.34 लाख की सहायता ने बदली किसान भुवन दास जांगड़े के परिवार की तक़दीर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

बेमेतरा । कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसका आधार स्तंभ। किंतु बदलते मौसम, अनियमित वर्षा, ओलावृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाएँ किसानों की मेहनत पर अक्सर पानी फेर देती हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में उभरकर सामने आई है। बेमेतरा जिले के ग्राम सिरवाबांधा के कृषक श्री भुवन दास जांगड़े की कहानी इस योजना की सफलता और उपयोगिता को सजीव रूप से दर्शाती है।

*कठिन परिस्थितियों में संघर्षरत एक साधारण किसान*
श्री भुवन दास जांगड़े एक छोटे एवं साधारण किसान हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है। सीमित भूमि, बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितता उनके जीवन की रोजमर्रा की चुनौतियाँ रही हैं। फसल अच्छी हो तो परिवार का पालन-पोषण सुचारू रूप से चलता है, लेकिन फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक संकट गहरा जाता है।

*दूरदर्शिता बनी सफलता की कुंजी*
श्री जांगड़े ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में समय पर अपनी फसल का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया। यह निर्णय आगे चलकर उनके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। दुर्भाग्यवश, प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के चलते उनकी फसल को भारी नुकसान हुआ, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक झटका लगने की आशंका थी।

*बीमा राशि बनी संकट में संबल*
फसल क्षति के उपरांत किए गए आकलन के आधार पर उन्हें ₹1.34 लाख की बीमा राशि प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए केवल मुआवजा नहीं, बल्कि जीवन को फिर से पटरी पर लाने का अवसर बनी। इस आर्थिक सहायता से न केवल उनके घर की आर्थिक स्थिति संभली, बल्कि भविष्य को लेकर उनकी चिंताएँ भी काफी हद तक कम हुईं।

*पुत्री के विवाह का सपना हुआ साकार*
प्राप्त बीमा राशि का सदुपयोग करते हुए श्री भुवन दास जांगड़े ने अपनी पुत्री का विवाह सम्मानपूर्वक और सामाजिक गरिमा के साथ संपन्न कराया। जिस जिम्मेदारी को लेकर वे लंबे समय से चिंतित थे, वह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के सहयोग से सहज रूप से पूरी हो सकी। यह उनके परिवार के लिए गर्व और संतोष का क्षण था।

*आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर कदम*
इस अनुभव ने श्री जांगड़े के मन में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है। अब वे खेती को केवल जोखिम नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ता कदम मानते हैं। उनका मानना है कि यदि किसान समय पर फसल बीमा कराएं, तो प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद उन्हें आर्थिक स्थिरता मिल सकती है।

*अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत*
आज श्री भुवन दास जांगड़े अपने अनुभव साझा करते हुए गांव एवं आसपास के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे किसानों को यह समझा रहे हैं कि यह योजना केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि संकट के समय वास्तविक मदद प्रदान करने वाली योजना है।
*किसान ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने मुझे कठिन समय में सहारा दिया। यह योजना सिर्फ फसल का बीमा नहीं करती, बल्कि किसान के परिवार, बच्चों के भविष्य और सामाजिक जिम्मेदारियों की भी रक्षा करती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने श्री भुवन दास जांगड़े जैसे किसानों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाया है। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर, आश्वस्त और सशक्त बना रही है। यह सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर सही योजना से जुड़कर किसान अपने भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बना सकते हैं।

 

 

ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा , योगेश कुमार तिवारी 9425564553, 6265741003,


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