- February 13, 2026
ग्रीष्मकालीन धान पर सख्ती: जल संकट के मद्देनज़र बेमेतरा को जल अभाव क्षेत्र घोषित, 20 ट्रांसफॉर्मर से बिजली बाधित, 45 पंप जब्त

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
बेमेतरा। जिले में इस वर्ष मात्र 552 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से काफी कम है। कम वर्षा के कारण भू-जल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड द्वारा बेमेतरा जिले के तीन विकासखण्डों को क्रिटिकल ज़ोन घोषित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो आगामी महीनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है।
जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में ही कृषकों से अपील की गई थी कि वे ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों का उत्पादन करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि ग्रीष्मकालीन धान की खेती में अत्यधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है, जिससे भू-जल दोहन बढ़ता है और पेयजल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके बावजूद कुछ कृषकों द्वारा निर्देशों की अनदेखी करते हुए ग्रीष्मकालीन धान की खेती की जा रही थी, जिससे जल संकट की स्थिति और अधिक गंभीर होने की आशंका बनी हुई थी।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर महोदया द्वारा पेयजल संरक्षण अधिनियम के तहत पूरे बेमेतरा जिले को जल अभाव क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और भविष्य के संकट को टालने के उद्देश्य से लिया गया है।
निर्देशों के उल्लंघन पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, कृषि, पुलिस, विद्युत एवं जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीम गठित की। संयुक्त दल द्वारा जिले के गुनरबोड़, जेवरी, अमोरा, बावनलाख, भिंभौरी, अतरगढ़ी, बुढ़ा जौंग सहित कुल 7 गांवों में 20 ट्रांसफॉर्मरों से बिजली प्रवाह बाधित किया गया, ताकि अवैध रूप से की जा रही सिंचाई को रोका जा सके।
इसके अतिरिक्त शिवनाथ नदी से अवैध रूप से ग्रीष्मकालीन धान की सिंचाई करते पाए जाने पर जल संसाधन विभाग के उड़नदस्ता दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाठासोरी, तबलखोर, परपोड़ा, ताकम, पाथरपूंजी, सिँवार, सलधा सहित कुल 16 ग्रामों में छापेमारी की। इस दौरान कुल 45 पंप जब्त किए गए। जब्त पंपों के माध्यम से नदी एवं अन्य स्रोतों से अनधिकृत जल दोहन किया जा रहा था।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि जनहित में आवश्यक कदम है। पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए आगे भी निरंतर निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर महोदया ने सभी कृषकों से पुनः अपील की है कि वे जल संकट की गंभीरता को समझें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा कम पानी वाली फसलों को अपनाकर जिले में जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में यदि निर्देशों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में उपलब्ध सीमित जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित पेयजल उपलब्धता बनाए रखना है।
ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा, योगेश कुमार तिवारी, 9425564553,6265741003,




