- March 14, 2026
जिला न्यायालय बेमेतरा में वर्ष 2026 की प्रथम नेशनल लोक अदालत में कुल 12975 प्रकरणों का सफलता पूर्वक हुआ निराकरण

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
बेमेतरा। जिला न्यायालय बेमेतरा में वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें माननीय श्रीमती सरोज नंद दास, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दीप प्रज्जवलन कर लोक अदालत का शुभारंभ किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण एवं पक्षकारगण को अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करने हेतु प्रोत्साहित कर शुभकामनाएं दी गई। माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा द्वारा लोक अदालत की विशेषता बताते हुए कहां कि पक्षकारों के मन में पुराने समय से चल रही वैमनस्यता को दूर करने के लिए लोक अदालत बहुत अच्छा माध्यम है। यह एक राष्ट्र के प्रति सेवा है, जिसमें हमें बढ चढ़कर अपनी सहभागिता देनी चाहिए, तथा न्यायालय में लंबित मामलों के अधिक से अधिक निराकरण कर सौहाद्रपूर्ण वातावरण का निर्माण कर राष्ट्र के विकास में सहयोग प्रदान करना चाहिए। लोक अदालत में जिला न्यायालय प्रांगण में जिले के कोने-कोने से पक्षकार अपने प्रकरणों के निराकरण के लिए उपस्थित हुये, जिनकी सुविधा के लिए विधिक सहायता डेस्क, स्वचलित चिकित्सकीय वेन, स्वास्थ्य डेस्क व समस्त बैंक, विद्युत विभाग, नगर पालिका एवं बीएसएनएल विभाग द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण हेतु स्टॉल लगाया गया, जिसमें उनके द्वारा नेशनल लोक अदालत के अवसर पर उनके विभागों में संचालित योजना से पक्षकारों को अवगत कराते हुए समझौता कर प्री-लिटिगेशन प्रकरणों एवं न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को निराकृत करने हेतु प्रोत्साहित किया, जिसके परिणाम स्वरूप बैंक के 07 प्रकरण एवं विद्युत विभाग के 89 प्रकरण निराकृत हुए। नेशनल लोक अदालत हेतु जिला न्यायालय में 8 खण्डपीठ और तहसील साजा न्यायालय में 1 खण्डपीठ इस प्रकार जिला में कुल 9 न्यायालयीन खण्डपीठ का गठन कर दो-दो सुलहकर्ता सदस्यों की नियुक्ति की गई। उक्त नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन के अनुक्रम में समस्त न्यायालीन कर्मचारी, पैरालीगल वालेंटियर्स, जिला प्रशासन, जिला एवं जनपद पंचायत, नगर पालिका, विद्युत विभाग, जिले की समस्त बैंको सहित अन्य समस्त विभागों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है।
*3 करोड 16 लाख 55 हजार रूपये अवार्ड राशि का हुआ वितरण*
जिले में 10302 प्री-लिटिगेशन व लंबित प्रकरणों को निराकरण हेतु रखा गया था जिसमें से राजस्व प्रकरण, विद्युत विवाद, बैंक प्रकरण व बी.एस.एन.एल. प्रकरणों का निराकरण कर कुल 29,70,449 /- रूपये की वसूली की गई। न्यायालय में लंबित 42 अपराधिक प्रकरण, 16 सिविल प्रकरण, 09 पारिवारिक प्रकरण, 08 एनआई एक्ट धारा 138 प्रकरण, 27 मोटर दुर्घटना दावा व 2893 अन्य प्रकरण का निराकरण कर कुल 2,86,85,426 /- रूपये का अवार्ड पारित कर जिलें में रिकॉर्ड अनुसार 3,16,55,875 /- रूपये की समझौता राशि वसूली गई।
*न्याय वृक्ष, प्रेरणादायक सुविचार एवं द्वार तोरन के माध्यम से प्राधिकरण की योजनाओं के प्रति जनमानस को किया गया जागरूक*
नेशनल लोक अदालत में नालसा एवं सालसा योजनाओं एवं अभियानों की व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा द्वारा योजनाओं / अभियानों एवं कानूनी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में न्याय वृक्ष एवं द्वार तोरन बनाकर प्रदर्शनी के माध्यम से नेशनल लोक अदालत में आये पक्षकारों को नालसा एवं सालसा द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दिया तथा न्याय सबके लिए संदेश देते हुये बाल विवाह एवं बलात्कार पीड़िता के गर्भ का चिकित्सीय समापन, मोटर यान अधिनियम, हिट एन रन, साइबर काईम, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह व अन्य विधिक विषयों से संबंधित पाम्पलेट का वितरण किया गया। तथा प्रेरणादायक सुविचारों को छोटे-छोटे तख्तियों के माध्यम से समस्त न्यायालय परिसर में लगाकर पक्षकारों को आपसी रंजीश, नफरत व वैमनस्यता को दूरकर समझौता करने, बाल विवाह रोकने में सहयोग प्रदान करने एवं सड़क सुरक्षा हेतु प्रोत्साहित किया।
*नेशनल लोक अदालत में उपस्थित पक्षकारों को विधिक रूप से जागरूक करने हेतु लघु फिल्मों का प्रसारण एवं महिलाओं के विरूद्ध अपराध व साइबर काईम विषय पर किया*
जिला न्यायालय परिसर में आमजन को विधिक रूप से जागरूक करने हेतु प्रोजेक्टर के माध्यम से घरेलू हिंसा, लैंगिक अपराधों से संबंधित, महिलाओं से छेड़छाड़ व साईबर क्राईम, मोटर दुध टिना सहित विभिन्न विषयों पर लघु फिल्म दिखायी गयी, जहां पक्षकारों के लिए बैठक व पेय जल की व्यवस्था की गई। साथ ही प्राधिकरण की गतिविधियों की झलकियां भी दिखाई गई।
*पक्षकारों को प्रोत्साहन स्वरूप किया गया पौधों का वितरण*
नेशनल लोक अदालत में आये पक्षकारों को निःशुल्क पौधा वितरण डेस्क से फलदार, छायादार पौधों का वितरण कर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही पक्षकारों के लिए सेल्फी जोन भी रखा गया। समझौता करने वाले पक्षकरों को न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा तुलसी का पौधा भेंट कर प्रोत्साहित किया।
*व्यवहार वाद का समझौते के माध्यम से निराकरण कर पक्षकारों को सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय प्रदान किया*
खण्डपीठ कमांक 01 माननीय न्यायालय, श्रीमती सरोज नंद दास, प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा के न्यायालय में वादी कमल सिंग एवं अन्य द्वारा प्रतिवादी श्रीमती मिथिलेश गिरी के पक्ष में दिनांक 25.11.2025 को निष्पादित विकय पत्र को, प्रतिवादी द्वारा विक्रय पत्र निष्पादन के पश्चात् विकय प्रतिफल की राशि 23,80,000 /- रूपये अदा नही किये जाने के कारण शून्य एवं अवैध घोषित कराने एवं उक्त भूमि पर वादीगण का स्वत्व घोषित किये जाने और वादीगण के पक्ष में स्थायी निषेधाज्ञा की निर्णय एवं डिकी पारित करने बाबत् प्रस्तुत किया गया है, जिसमें पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यगणों के समझाईश देने के उपरांत प्रतिवादी विक्रय प्रतिफल की राशि वादीगण को प्रदान करने के लिए तैयार हो गयी। इस समाधान से दोनों पक्षों का समय और धन की बचत हुई। दोनों पक्षों ने लोक अदालत के प्रति आधार व्यक्त किया और इसे त्वरित एवं सुलभ न्याय का उत्कृष्ट माध्यम बताया।
*पैतृक सम्पति के विवाद के मामलें में न्यायालय के समझाईश पर परिवार हुए एक*
आयोजित नेशनल लोक अदालत के खण्डपीठ क. 07 पीठासीन अधिकारी सुश्री श्रुति साहू के न्यायालय में कुल 06 व्यवहार वाद में पक्षकारों के मध्य आपसी राजीनामा होने के आधार पर उक्त व्यवहार वाद का निराकरण किया गया है, जिसमें एक व्यवहार वाद में एक ही परिवार के 07 भाई-बहन के मध्य जमीन को लेकर वाद-विवाद यह था कि उभयपक्ष के पिता जी की मृत्यु हो जाने के पश्चात् प्रतिवादीगण पैतृक सम्पति का अपना अधिपत्य कर अन्य परिवार की सदस्यों के हितों को दरकिनार कर पैतृक सम्पति पर अपना अपना नाम दर्ज करा लिया एवं उस पर कास्त काबिज होने लगे। परिवार के अन्य सदस्यों को उक्त संबंध में जानकारी होने पर उनके द्वारा परिवारिक रिश्तेदारों के बीच अपने हक एवं पैतृक सम्पति की मांग की गई। वादीगष्, द्वारा अपने पैतृक सम्पति पर स्वयं को अधिकार एवं हक नहीं मिलने पर वर्ष 2024 से पैतृक सम्पति में अपना हक एवं बटवारा प्राप्त करने हेतु यह वाद पत्र प्रस्तुत किया गया है। जिसमें पीठासीन न्यायिक अधिकारी द्वारा पारिवारिक संबंध में दृढ़ता लाने के लिये पक्षकारों को आपस में बात करने, आपस में कलह व वाद को समझौता के माध्यम से आपसी सहमति से वाद समाप्त करने की समझाईश देने पर दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हुए तथा सम्पति का बटवारा समझौते के अनुसार सापसी समझौते से किया गया। इस प्रकार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद व आपसी कटुता समाप्त होकर उनके बीच पुनः मधुर संबंध स्थापित हो गया। इसी प्रकार 05 अन्य वर्ष 2022 के प्रकरणों में भी पक्षकरों को उनके संबंधों एवं वाद के संबंध मे समझाईश देने पर आपसी सहमति से प्रकरण के निराकरण में लोक अदालत के महत्व को समझते हुये उनके मध्य भी राजीनामा कराया गया।
इसी प्रकार खण्डपीठ कमांक 08 के पीठासीन अधिकारी सुश्री सार्विका चतुर्वेदी एवं सुलहाकर्ता सदस्यों के द्वारा वादी एवं प्रतिवादीगण आपस में रिश्तेदार (सगे भाई-बहन) है। दोनों के बीच आपस में जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा वाद – विवाद आपसी कटुता का कारण बन गया था। न्यायालय द्वारा वादी एवं प्रतिवादीगण के हितों व आपसी संबंधों के संबंध में समझाईश दिया गया तथा कानूनी सलाह के लिए मध्यस्थता केन्द्र प्रेषित किया गया, जहां दोनों पक्षों को जानकारी होने के उपरांत प्रकरण के तत्काल निराकरण किये जाने हेतु उभयपक्ष द्वारा आपस में मधुर संबंध स्थापित कर बिना किसी डर दबाव के राजीनामा पर सहमति होना व्यक्त किया गया। इस प्रकार सभी भाई-बहनों के मध्य लोक अदालत के माध्यम से समझौता होने से समय व संबंध दोनों बच गये। इसी प्रकार अन्य प्रकरण में आवेदिका एवं अनावेदक पति-पत्नी है, दोनों के बीच आपस में घरेलू वाद-विवाद हो गया था, जिससे आवेदिका के द्वारा प्रकरण को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय द्वारा आवेदिका एवं अनावेदकगण को उनके हितों के संबंध में समझाईश देने पर दोनों पक्षों के मध्य आपसी सहमति बनी और दोनों परिवारों के मध्य आपस में मधुर संबंध स्थापित होकर समझौता किया गया। पक्षकारों ने लोक अदालत को रिश्तों को बचाने वाला मंच बताया। इस प्रकार आवेदिका के समझौता के तहत् अपने पति के साथ उसके घर जाकर रहना व्यक्त किये जाने से परिवार बिखरने से बच गया।
*मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, निष्पादन एमएसीटी के प्रकरणों में पीड़ित परिवार को राहत*
नेशनल लोक अदालत में सड़क दुर्घटना से पीड़ित पक्षकरों के बीच त्वरित निपटारा हुआ। क्लेम प्रकरण कमांक 137/2025 में पीड़ित पक्ष द्वारा न्यायालय में 83,00,000 /- रूपये अवार्ड राशि प्राप्त करने के लिए प्रकरण प्रस्तुत किया गया था, जिसमें खण्डपीठ कमांक 03 पीठासीन अधिकारी माननीय देवेन्द्र कुमार एवं सदस्यगण कमशः श्री गिरीश शर्मा अधिवक्ता एवं श्री राहुल साहू अधिवक्ता के द्वारा समझाईश देने पर उभयपक्ष द्वारा 83,00,000 /- रूपये के स्थान पर 20,00,000/- रूपये में समझौता किया गया। इसी प्रकार व्यवहार वाद कं0 013/2022 में वादीगण द्वारा 33,00,000/- रूपये के लिए प्रस्तुत वाद में समझौता करते हुए 22,00,000/- रूपये प्राप्त कर लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत प्राप्त किया।
*अनेक अपराधिक मामले का लोक अदालत के माध्यम से सरलता पूर्वक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा किया गया निपटारा*
नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ कमांक 05 पीठासीन अधिकारी श्री मोहित सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सुलाहकर्ता सदस्यों द्वारा आपराधिक मामले में प्रार्थीगण तथा आरोपीगण के मध्य मोटर सायकल को लेकर खडे रहने संबंधी मामले को लेकर दोनों पक्षों के मध्य हुए अश्लील गाली गलौच, धमकी एवं हाथ मुक्के से मारपीट की घटना में लगभग 04 वर्ष के पश्चात् न्यायालय द्वारा समझाईश दिए जाने पर दोनों पक्ष द्वारा राजीनामा हेतु सहमति व्यक्त किया गया। प्रार्थी, पीडितगण एवं आरोपीगण द्वारा सौहार्द्रपूर्ण सहिष्णुता का आचरण भविष्य में किए जाने का संकल्प लिया गया। इसी प्रकार एक अन्य दांडिक प्रकरण में एक दूसरे गांव के अनजान व्यक्तियों के बीच मछली मारते समय सामान्य बातचीत व विवाद को लेकर, प्रार्थी से आरोपीगण के मध्य हुई अश्लील गाली गलौच, धमकी एवं मारपीट किये जाने से संबंधित रहा है। इस प्रकरण में भी उभय पक्षकारों द्वारा आपसी सहमति से राजीनामा कर मामले को समाप्त कराया गया। यह मामला वर्ष 2023 से लंबित रहा है और प्रार्थी आरोपीगण को दंडित करने के लिए प्रतिबद्ध था, किंतु अनेक प्रयासों के बाद अंततः प्रार्थी आरोपीगण से राजीनामा करने हेतु सहमत हुए। न्यायालय द्वारा किए गए अनेक प्रयास से उभय पक्षकारगण समझौता हेतु तैयार हुए और इनके द्वारा आपस में स्वेच्छापूर्वक राजीनामा करने की इच्छा व्यक्त की गई। पक्षकारों ने न्यायालय में समझाये जाने पर आज की नेशनल लोक अदालत में आपस में राजीनामा किया।
*पिता – पुत्र हुए एक, 06 वर्ष से चला आ रहा लड़ाई – झगड़े हुआ समाप्त एवं अन्य पारिवारिक मामलों का हुआ निपटारा*
प्रकरण क्रमांक 1425/2025 अपराध क्रमांक 413/2020 थाना बेमेतरा में दिनांक 02.08.2020 क.
प्रार्थी ने अपने छोटे भाई को गेंगेरवा खोदने से मना करने पर आपस में लड़ाई झगड़ा करते हुए प्रार्थी द्वारा अपने छोटे भाई को एक थप्पड़ मार दिया जिससे आरोपी पिता द्वारा अपने पुत्र प्रार्थी को मां-बहन की गंदी-गंदी गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देकर लकड़ी के बेठ से मारपीट किया गया। उक्त बाप बेटे का प्रकरण आज दिनांक 14.03.2026 को नेशनल लोक अदालत में रखा गया था। उक्त अभियुक्त एवं आहत /प्रार्थी को पीठासीन अधीकारी मो० जहांगीर तिगाला, सदस्य प्रसून शुक्ला एवं घनश्याम वर्मा के द्वारा समझाईश देकर दोनों बाप-बेटे के मध्य चल रहें विवाद का लगभग 06 साल बाद बिना किसी डर, दबाव एवं भय के स्वतंत्र सहमति के आधार पर राजीनामा कर प्रकरण समाप्त किया गया। इसी प्रकार प्रकरण क्रमांक 605/2020, अपराध क्रमांक 167/2020, थाना बेरला एवं प्रकरण क्रमांक 576/2020, अपराध क्रमांक 168/2020, थाना बेरला में आरोपीगण का आपस में एक-दूसरे के खिलाफ मामला पंजीबद्ध है। जिसमें आरोपीगण द्वारा विवादित जमीन का सीमांकन आर०आई० एवं पटवारी के द्वारा किया गया, जिसमें आरोपीगण द्वारा विवादित भूमि को सीमांकन को नहीं मानूंगा कहकर जमीन में लगे खम्भा को निकाल कर फेंक दिया और आपस में एक-दूसरे को मां बहन की गंदी-गंदी गाली गलौज देते हुए जान से मारने की धमकी देकर आपस में मारपीट किया। उक्त दोनों काउंटर प्रकरण को आज दिनांक 14.03.2026 को नेशनल लोक अदालत में रखा गया था। उक्त आरोपीगण का विवाद को पीठासीन अधीकारी मो० जहांगीर तिगाला, सदस्य प्रसून शुक्ला एवं घनश्याम वर्मा के द्वारा समझाईश देकर बिना किसी डर, दबाव एवं भय के स्वतंत्र सहमति के आधार पर राजीनामा कर प्रकरण समाप्त किया गया।
*परिवार न्यायालय में न्यायाधीश के समझाईश पर 09 परिवार हुए एक*
नेशनल लोक अदालत दिनांक 14.03.2026 को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गयी, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित नेशनल लोक अदालत में बेमेतरा कुटुम्ब न्यायालय में आज न्यायाधीश श्रीमती नीलिमा सिंह बघेल द्वारा विशेष प्रयास कर 09 दंपत्तियों को एक साथ सुलह-समझौता कर घर भेजा गया।
एक प्रकरण जिसमें दम्पत्ति का विवाह लगभग 13 वर्ष पूर्व सम्पन्न हुआ तथा उनके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं, वे लगभग 9 साल साथ रहने के पश्चात भी आपसी गंभीर विवाद के कारण वर्ष 2021 से अलग-अलग निवासरत थे, जिससे न्यायालय में उनके मध्य तलाक का प्रकरण चल रहा था, न्यायालय द्वारा दो-तीन बार काउंसलिंग कर उक्त दम्पत्ति को बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए समझाईश दी गई एवं पति-पत्नी को इस बारे में समझाया गया कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विवाद समाप्त करें। न्यायालय के समझाईश के बाद उक्त दम्पत्ति अपना विवाद समाप्त कर न्यायालय से साथ ही अपने घर गये।
एक अन्य प्रकरण जिसमें दम्पत्ति ने अपने माता-पिता के विरूद्ध जाकर आपस में वर्ष 2023 में प्रेम विवाह किया था, किन्तु दोनों के मध्य गंभीर विवाद उत्पन्न होने से पति एवं उसके परिवार वालों के विरूद्ध पत्नी ने दहेज का मामला दर्ज करा दिया था। महिला सेल एवं सामाजिक बैठक के माध्यम से भी उनका विवाद सुलझाने का प्रयास किया गया था, किन्तु कोई परिणाम नहीं निकला था। इस प्रकरण में भी न्यायालय द्वारा पति एवं पत्नी के साथ उनके परिवार वालों की भी काउंसलिंग की जा रही थी, जिसके पश्चात आज आयोजित नेशनल लोक अदालत में पति-पत्नी के बीच का विवाद समाप्त हो गया और दोनों परिवार राजीखुशी न्यायालय से घर रवाना हुए।
इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में दम्पत्ति का पांच वर्ष पूर्व धार्मिक स्थल में सामूहिक विवाह हुआ था, दोनों के दो छोटे-छोटे बच्चे भी हैं, किन्तु आपसी मतभेद के चलते पत्नी ने पति के विरूद्घ भरण-पोषण का मामला दर्ज करा दिया था, उक्त प्रकरण में भी न्यायालय द्वारा दम्पत्ति को एक साथ भेजने का विशेष प्रयास किया गया, जिससे आज आयोजित नेशनल लोक अदालत में दोनों ने राजीनामा करते हुए अपना विवाद समाप्त करा लिया।
एक अन्य महत्वपूर्ण प्रकरण मे पति-पत्नी एक-दूसरे से अलग रह रहे थे एवं तलाक एवं भरण-पोषण के मामले के साथ ही पति द्वारा सात वर्षीय बच्चे की कस्टडी के लिए भी मामला दायर किया गया था, उभयपक्ष के मध्य लम्बे समय से चल रही काउंसलिंग के पश्चात आज उक्त दम्पत्ति ने विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से अपने न्यायमित्र के द्वारा न्यायालय के समक्ष राजीनामा करने का प्रस्ताव रखा तथा वीडियो कान्फ्रेसिंग पर पुनः काउंसलिंग पश्चात प्रकरण राजीनामे के पश्चात समाप्त किया गया।
इस प्रकार कुटुम्ब न्यायालय बेमेतरा में आज नेशनल लोक अदालत में कुल 09 परिवार अपने वैवाहिक विवादों को समाप्त कर एक हुए, जिसमें श्रीमती नीलिमा सिंह बघेल, न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय बेमेतरा के द्वारा उनके मध्य की कडवाहट को समाप्त करते हुए आज दिनांक 14.03.2026 को उन्हें खुशी खुशी न्यायालय से विदा किया गया। विदा के समय उन्हें नारियल, तुलसी का पौधा एवं सप्तपदी के सात वचन भेंट किये गये, साथ ही दम्पत्तियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर न्यायालय परिसर से विदा ली। परिवार न्यायालय बेमेतरा के इस भावुक पल के साक्षी पक्षकारगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालय के स्टाफ बने।
ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा, योगेश कुमारतिवारी, 9425564553,6265741003,




