• August 4, 2026

नहर में औद्योगिक अपशिष्ट जल छोड़ने की शिकायत पर पर्यावरण मंडल की कार्रवाई

नहर में औद्योगिक अपशिष्ट जल छोड़ने की शिकायत पर पर्यावरण मंडल की कार्रवाई

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

 

बेमेतरा। बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खर्रा के सरपंच एवं ग्रामीणों द्वारा यूनिवर्सल हैचरी प्राइवेट लिमिटेड तथा गणपति राइस मिल, कुसमी के विरुद्ध औद्योगिक अपशिष्ट एवं प्रदूषण संबंधी शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, क्षेत्रीय कार्यालय भिलाई ने दोनों इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। पर्यावरण मंडल ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत दोनों संस्थानों को नोटिस जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।

ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया था कि यूनिवर्सल पोल्ट्री फार्म एवं गणपति राइस मिल द्वारा बिना समुचित उपचार (ट्रीटमेंट) के दूषित एवं बदबूदार अपशिष्ट जल को खर्री वितरक नहर में छोड़ा जा रहा है। इससे नहर, तालाब, कृषि भूमि तथा आसपास के भू-जल स्रोतों के प्रदूषित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी संबंधित विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

शिकायत प्राप्त होने के बाद 3 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने दोनों इकाइयों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गणपति राइस मिल में बिना उपचार के औद्योगिक अपशिष्ट जल को परिसर से बाहर छोड़कर खर्री नहर तक पहुंचते हुए पाया गया। साथ ही इकाई में पर्याप्त एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) स्थापित नहीं होने, ठोस अपशिष्ट के अनुचित निपटान तथा परिसर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाए जाने का उल्लेख नोटिस में किया गया है।

वहीं यूनिवर्सल हैचरी प्राइवेट लिमिटेड के निरीक्षण में पोल्ट्री लिटर के वर्षा जल के साथ परिसर से बाहर बहने, ठोस अपशिष्ट के अनुचित निपटान तथा परिसर की साफ-सफाई में कमियां पाए जाने की बात कही गई है। पर्यावरण मंडल ने इसे पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने गणपति राइस मिल को तत्काल उद्योग बंद करने, विद्युत आपूर्ति विच्छेदित करने, वैध पर्यावरणीय अनुमति प्राप्त किए बिना संचालन पुनः प्रारंभ नहीं करने, अपशिष्ट जल का बहाव तत्काल रोकने तथा कारण बताओ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं यूनिवर्सल हैचरी को भी कमियों का तत्काल निराकरण करने, परिसर से अपशिष्ट का बहाव रोकने तथा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाए जाने के संबंध में कारण बताओ जवाब प्रस्तुत करने के लिए 15 दिवस का समय दिया गया है। ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने मांग की है कि पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की दृष्टि से मामले में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के जल स्रोतों, कृषि भूमि और पर्यावरण को होने वाले संभावित नुकसान को रोका जा सके।

 

ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा, योगेश कुमार तिवारी, 94255 64553, 6265 741003,


Related News

आईपीआर एवं डेटा विश्लेषण पर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

आईपीआर एवं डेटा विश्लेषण पर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज दुर्ग। शासकीय वाई.टी. पी.जी. स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के जूलॉजी विभाग द्वारा आईक्यूएसी एवं आईआईसी…
बच्चों ने बनाई विकसित भारत की सुंदर तस्वीर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बढ़ाया ने बढ़ाया उत्साह

बच्चों ने बनाई विकसित भारत की सुंदर तस्वीर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज     दुर्ग। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पाटन स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर…
आशीर्वाद के दीये कार्यक्रम में जूते-चप्पल पहनकर दीप प्रज्वलन पर लोचन यादव ने उठाए सवाल

आशीर्वाद के दीये कार्यक्रम में जूते-चप्पल पहनकर दीप प्रज्वलन पर लोचन यादव…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम…