- October 10, 2026
महिला द्वारा बताई गई खुद का प्रसव कराकर दो महिलाओं द्वारा बच्चा ले जाने की कहानी निकली झूठी, चौंकाने वाली घटना, देखिए पूरी खबर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
बेमेतरा

ग्राम जेवरा-एस संबलपुर में दो अज्ञात महिलाओं द्वारा प्रसव कराकर नवजात शिशु चोरी करने की शिकायत का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण में कहानी झूठी व मनगढ़ंत निकली। परिजनों के डर और सामाजिक अपमान से बचने के लिए महिला ने 8 महीने तक झूठी गर्भावस्था का नाटक रचा और प्रसव के दिन आलता-माहुर से खून का ढोंग रचा था। पुलिस ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
एसपी त्रिलोक बंसल ने इस पूरे मामलेंका खुलासा करते हुए बताया कि जांच में सामने आया कि प्रार्थिया तीजन वर्मा (20 वर्ष) पति पुनेश्वर का विवाह के बाद दो बार गर्भपात हो चुका था। फरवरी 2026 में वह तीसरी बार गर्भवती हुई, लेकिन दो महीने के भीतर (मार्च) में फिर से गर्भपात हो गया। बार-बार गर्भपात होने से तीजन मानसिक तनाव में थी। उसे डर सताने था कि परिवार व समाज के लोग उसे गलत न समझें। उसने यह बात पति और ससुराल वालों से छुपा ली। खुद के गर्भवती होने का नाटक जारी रखा। परिवार वालों को विश्वास दिलाने के लिए वह साड़ी को पेट के पास दोहरा मोड़कर (डबल फोल्ड) पहनती थी, जिससे पेट गर्भवती महिला की तरह फूला हुआ दिखे।
घर में अकेला पाकर रचा प्रसव का नाटक
3 अक्टूबर की दोपहर में पति पुनेश्वर बकरियां चराने गया था, वही सास-ससुर व देवर मुंगेली जिले के एक कार्यक्रम में गए थे। घर में अकेली होने का फायदा उठाकर महिला ने शरीर और कपड़ों पर लाल रंग का आलता-माहुर उड़ेल लिया, ताकि प्रसव जैसा लगे। दोपहर करीब 1:00 बजे पति के लौटने पर तीजन ने रोते हुए कहानी सुनाई कि दो अज्ञात महिलाओं ने दवा पिलाकर उसका प्रसव कराया और नवजात शिशु को लेकर फरार हो गईं।
फॉरेंसिक और डॉक्टरी जांच में खुला राज
4 अक्टूबर को धारा 137(2), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज होते ही आईजी अभिषेक शांडिल्य ने टीम बनाई गई। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को बुलाया गया। निरीक्षण व पूछताछ में प्रत्यक्षदर्शी या अनजान महिला की मौजूदगी के सबूत नहीं मिले। महिला को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि 3 अक्टूबर या उससे 4-5 हफ्ते पहले तक महिला का न तो प्रसव हुआ था और न ही वह गर्भवती थी। डॉक्टरी रिपोर्ट और पुलिस की पूछताछ के बाद तीजन वर्मा ने परिजनों व ग्रामीणों की मौजूदगी में स्वीकार किया कि उसने लगातार गर्भपात के डर से परिवार को गुमराह करने के लिए यह नाटक रचा था। गुमराह करने पर महिला के खिलाफ बीएनएस की धारा 217 के तहत कार्रवाई की गई है।




