• August 29, 2024

नेत्रदान पखवाड़ा : बेमेतरा दोनों आंखों से मोतियाबिंद जिला घोषित, फिर भी किसी की आंखों में मोतियाबिंद, तो इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं

नेत्रदान पखवाड़ा : बेमेतरा दोनों आंखों से मोतियाबिंद जिला घोषित, फिर भी किसी की आंखों में मोतियाबिंद, तो इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं

ट्राईसिटी एक्सप्रेस। न्यूज

बेमेतरा

राष्ट्रीय दृष्टिहीनता एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में  8 सितंबर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा अभियान चलाया जा रहा है। पूरे बेमेतरा जिले के समस्त विकासखण्ड में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा है।  जिले के समस्त नेत्र सहायक अधिकारियों सीएमओचओ कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में सीएमएचओ डॉ. यशवंत कुसार ध्रुव एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार बसोड ने बताया कि हमारी आंखे हमारे मरने के बाद भी किसी के काम आ सकती है। मनुष्य की मृत्यु के बाद उसके शरीर के एक ही अंग काम आ सकता है, वो है नेत्र। नेत्रदान मृत्यु के बाद ही किया जाता है। नेत्रदान के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह अपने जीते जी घोषणा पत्र भरा हो। नेत्रदान कोई भी व्यक्ति कर सकता है, किन्तु रेबीज, एड्स, टिटेनेस, हेपेटाइटिस, सर्पदंश, लेप्रोसी, जहर, सिफलिस, डूबकर या जलकर, ऑख का कैंसर, फॉसी लगााकर, ब्लड कैंसर, सेप्टीसीमिया, तपेदिक एवं संक्रामक बीमारी व्यक्ति नेत्रदान के लिए उपयुक्त नही रहती।

 

 

यदि किसी की आंख के कॉर्निया की सफेदी कॉर्नियल ओपेसिटी के कारण दृष्टिहीनता है तो उसकी कॉनिया बदलने से वह व्यक्ति अंधेपन से छुटकारा पा सकता है और नेत्रदान करने वाला व्यक्ति मरने के बाद भी इस व्यक्ति की आंख से दुनिया देख सकता है। ऑख के कॉनिया में सफेदी आंखो के संक्रमण, चोट लगने, विटामिन ए की कमी, कुपोषण, कॉनियल डिस्ट्रॉफी और कुछ जन्मजात कारणो से होती है। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति की आंख में घाव हो जाए व उसकी पुतली कमजोर हो जाए तो उसकी आंखो की संरचना खराब होने से बचाने के लिए भी पुतली बदलने का ऑपरेशन किया जाना है जो कि एक आपातकालीन स्थिति है। नेत्रदान संबंधी प्रक्रिया कोविड-19 से बचाव शासन के समस्त दिशा-निर्देर्शो का पालन करके किया जाना है। नेत्रदान के लिए मृत व्यक्ति के वारिस से लिखित सहमति लेने के बाद ही प्रशिक्षित अधिकारी के द्वारा मृत्यु के 06 घंटे के भीतर नेत्र गोलक को निकाला जाता है। मृत्यु के बाद मृतक की आंखे बंद कर देनी चाहिए, पंखा भी बंद कर देना चाहिए। गर्मी का समय हो तो पलकों के ऊपर गीला कपड़ा या रूई रख दें। यदि बर्फ हो तो कपड़े/रूई के ऊपर रख दें। एक व्यक्ति के नेत्रदान से 2 दृष्टिहीन पुनः दुनिया देख सकते है।
नेत्रदान के लिए सहायक नेत्रदान अधिकारी  विजय देंवागन बेमेतरा 9926776556, विनोद कुमार बघेल साजा 8120705868, ओंकार चन्द्राकर खण्डसरा 9981766897, गुलाब चंद सिन्हा बेरला 9098759477, सोहित कुमार साहू नवागढ़ 7089092860 से संपर्क किया जा सकता है। बैठक में नेत्र सहायक अधिकारी लवकुश पटेल, योगेन्द्र भार्गव, दीपक कुमार साहू, टुमन लाल साहू, मुकेश टंडन,  अजीत कुमार कुर्रे, आशा बरवा, सीमा मण्डावी सहित अन्य मौजूद थे। बेमेतरा को दोनो ऑखो से मोतियाबिंद मुक्त जिला घोषित किया गया है।

 

ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा, योगेश कुमार तिवारी, 9425564553, 6265741003,


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