• September 17, 2025

शिशु के लिए स्तनपान मौलिक अधिकार तथा सर्वोत्तम आहार है, तथा मॉं और बच्चे के बीच एक मजबूत संबध बनाने में मदद करता है

शिशु के लिए स्तनपान मौलिक अधिकार तथा सर्वोत्तम आहार है, तथा मॉं और बच्चे के बीच एक मजबूत संबध बनाने में मदद करता है

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

 

बेमेतरा । स्तनपान सप्ताह हर साल 1 से 7 अगस्त तक मनाया जाता है। यह स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और माताओं व शिशुओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक अभियान है।
विश्व स्तनपान सप्ताह, जिसे वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक (डब्ल्यूबीडब्ल्यू) भी कहा जाता है, हर साल 1 से 7अगस्त तक मनाया जाता है। यह एक वैश्विक अभियान है जिसका उद्देश्य स्तनपान के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है*

इसी तरह बच्चे और माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने प्रतिवर्ष की भॉति जिले में 01 अगस्त से 07 अगस्त 2025 तक “स्तनपान में निवेश,भविष्य में निवेश” थीम के साथ विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य शिशुओं के स्वास्थ्य और विकास के लिए स्तनपान के महत्व को समुदाय तक पहॅुचाना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमृत लाल रोहलेडर ने बताया कि जिले में विश्व स्तनपान सप्ताह के आयोजन हेतु समस्त विकासखण्डो को विस्तृत दिशा निर्देश पूर्व से ही जारी कर दिया गया है। समस्त विकासखण्डों में स्तनपान के संबंध में डिलिवरी प्वाईट, शिशु वार्ड, पोषण पुनर्वास केन्द्रो, समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों, में पदस्थ सीएचओ, एएनएम के माध्यम से प्रसव के तुरंत एक घंटे के अंदर नवजात को स्तनपान सुनिश्चित करने के लिए तथा 6 माह तक शिशुओं को केवल स्तनपान कराने के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा हे। इसके साथ ही समुदाय स्तर पर तथा व्हीएचएनडी सत्र में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ऑगनबाड़ी कार्यकताओं तथा मितानिनों के द्वारा बैठक लेकर स्तनपान के लाभ तथा कुपोषण से बचाव एवं रोकथाम के लिए 06 माह तक केवल मॉं का दूध तथा 06 माह के उपरांत संपूरक आहार देने के बारे में जानकारी दी जा रही है। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ लोकेश साहू ने बताया कि मॉं का दूध शिशु के पोषण का एक महत्तवपूर्ण स्त्रोत है जो उसे आवश्यक पोषक तत्व और एंटीबॉडी प्रदान करता है जो शिशु को डायरिया, निमोनिया एवं कुपोषण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है यह शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यन्त आवश्यक है नवजात को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू किया जाना आवश्यक है तथा शिुश को 06 माह तक केवल स्तनपान कराया जावे क्योकि मॉं के दूध में शिशु के लिए आवश्यकतानुसार पानी होता है इसलिए 06 माह तक उपर से पानी देने की आवश्यकता नहीं होती । शिशु के 06 माह पूरे होने पर पूरक आहार देना प्रारंभ करना चाहिए और बच्चे को 02 वर्ष पूर्ण होने तक स्तनपान जारी रखना है ।

 

ट्राई सिटी एक्सप्रेस, ब्यूरो चीफ बेमेतरा , योगेश कुमार तिवारी 9425564553, 6265741003,


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