- May 27, 2025
शहर के लगभग एक दर्जन वार्ड में पेयजल का संकट बरकरार, 1994 में स्थापित 24 एम.एल.डी. प्लांट के मोटर की कैपिसिटी कमजोर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। शहर के लगभग एक दर्जन वार्डो में पेयजल संकट लंबे समय से बरकरार है। इन वार्डो के लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल नहीं मिल पा रहा है। बताया गया है कि 24 एम.एल.डी. के फिल्टर प्लांट में लगी मोटर की क्षमता कमजोर हो गई है जिसकी वजह से टंकियों को पूरी तरह से भरने में दिक्कत हो रही है।
यहां गौरतलब है कि पेयजल की सप्लाई के लिए एक 11 एम.एल.डी. एक 24 एम.एल.डी.,व एक 42 एम.एल.डी.को मिलाकर तीन प्लांट संचालित है। 11 एम.एल.डी. के प्लांट से शिक्षक नगर नलघर की पुरानी टंकी व तांदुला परिसर बस स्टैण्ड में बनाई गई टंकी को भरने का काम किया जाता है। वहीं 24 एम.एल.डी. के प्लांट से पहले पार्ट में शंकर नगर, शक्ति नगर, हनुमान नगर, ट्रांसपोर्ट नगर व गिरधारी नगर तथा दूसरे पार्ट में शनिचरी बाजार ,पद्मनाभपुर बड़ी टंकी, पद्मनाभपुर पंप, तितुरडीह व फिल्टर प्लांट के सम को भरने का काम होता है। वही दूसरे फेश में शुरू की किए गये 42 एम.एल.डी. के प्लांट से बोरसी, पोटिया, पूलगांव, सिकोला बस्ती, कातुलबोड, गंजमंडी फिल्टर प्लांट के सम व बघेरा की टंकी को भरने का काम किया जाता है। इसमें बघेरा की टंकी शहर की सबसे बड़ी टंकी है जहां 35 लाख क्यूब पानी भरा जाता है।
निगम सूत्रों के अनुसार 11 व 42 एम.एल.डी. के प्लांट सुचारू रूप से संचालित है लेकिन 24 एम.एम.डी. के प्लांट की क्षमता कमजोर हो गई है।
जानकारी के मुताबित 24 एम.एल.डी. प्लांट की क्षमता कमजोर हो जाने की वजह से शहर के लगभग एक दर्जन वार्डो में पेयजल का संकट पैदा हो गया है। जिसमेें शक्ति नगर, कादम्बरी नगर, तितुरडीह, कैलाश नगर, हनुमान नगर,शनिचरी बाजार, शिवपारा, आपापुरा, ब्राम्हण पारा, पद्ममनाभपुर व गुरूघासी दास वार्ड 44 शामिल है।
इन वार्डो में पानी की सप्लाई के लिए बनी टंकियां पूरी तरह से भर नहीं पा रही है। जिसके कारण ऊंचाई के वार्डो व आउटर क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। आबादी के साथ कनेक्शन में हुई बढ़ोत्तरी भी एक समस्या है और गर्मी के मौसम में पानी की ज्यादा जरूरत की पूर्ति पर भी गतिरोध पैदा हो गया है।
कांग्रेस परिषद ने बरती घोर लापरवाही-लीना
नगर निगम की जल कार्य समिति की एम.आई.सी. प्रभारी लीना दिनेश देवांगन का कहना है कि वर्तमान में पैदा हुआ पेयजल संकट कांग्रेस के शासन काल की देन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही शासन काल में 1994 में 24 एम.एल.डी. प्लांट को शुरू किया गया था। प्लांट में वर्षो पुरानी लगाई गई मोटर की क्षमता कमजोर हो गई थी। पिछली कांग्रेस परिषद को मोटर बदलने की आवश्यकता थी। लेकिन पिछली परिषद ने केवल एक मोटर को बदला 110 की जगह 75 एच.पी. की मोटर लगा दी। 24 एम.एल.डी. प्लांट के इन्टकवेल के मोटर को भी बदलने की पहल नहीं की गई। वर्तमान परिषद शहर की जनता को पेयजल संकट से निजात दिलाने प्रतिबद्ध है। इसके लिए फिल्टर प्लांट व इंटकवेल में नई मोटर लगाने तीन करोड़ 60 लाख रूपये का प्रस्ताव बनाया गया है। निगम महापौर अल्का बाघमार ने तत्काल पहल करते हुए इसे स्वीकृति प्रदाय कर दी है। एम.आई.सी. में स्वीकृति के बाद शासन या डी.एम.एफ.फंड से इस कार्य को पूरा किया जाएगा। लीना देवांगन ने बताया कि खराब वाल्व को बदलने का टेन्डर हो चुका है। शहर के एक दर्जन वार्ड की जनता को पेयजल संकट से शीघ्र निजात मिलेगी।




