- September 2, 2025
रामदेव बाबा के भादवा मेला के अंतिम दिन दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, हवनकुंड में नारियल अर्पित कर श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

दुर्ग। श्री रामदेव बाबा दरबार नवकार परिसर पुलगांव नाका में आयोजित 10 दिवसीय भादवा मेला के अंतिम दिन मंगलवार को दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ जुटी। दरबार में सुबह महाआरती व हवन पूजन किया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन की धुन गुंजायमान रही। जिसके धुन में नाच-गाकर श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा-भक्ति प्रकट की, वहीं बापजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का दिनभर तांता लगा रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने हवनकुंड की परिक्रमा की और हवनकुंड में नारियल अर्पित कर मनोकामना पूर्ण करने प्रार्थना की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि भी दर्शन के लिए श्री रामदेव बाबा दरबार पहुंचे। महापौर अलका बाघमार, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, नगर निगम एमआईसी प्रभारी निलेश अग्रवाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, पूर्व पार्षद ऋषभ जैन (बाबू), दुर्ग जिला कैट के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रहलाद रुंगटा, चेयरमैन पवन बड़जात्या, प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव संदीप वोरा, सन्नी साहू के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों एवंं विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के प्रमुखों ने गुरुदेव सोहनलाल बापजी की शिष्या भक्तमाता शांतादेवी बापजी के दर्शन कर शहरवासियों की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। दोपहर बाद महाप्रसादी (भंडारा) का आयोजन किया गया। महाप्रसादी ग्रहण कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस दौरान श्री रामदेव बाबा दरबार के प्रमुख रमेश कुमार जैन, सुश्री पायल जैन, मनीष जैन, गौरव बजाज, प्रवीण पींचा, गौरव पींचा, गोविंद बजाज, संतोष छाजेड़, आशीष सोनी, दिनेश रुपारेल, राकेश धाड़ीवाल,गौतम धाड़ीवाल, प्रशांत शर्मा,पंकज शर्मा, बंटी पारख, महावीर बाफना, मनीष छाजेड़, नरेश भंडारी, निर्मल रुपारेल, संजू पुरोहित, मोंटी सोनी, गूंजा पींचा के अलावा अन्य सदस्य व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।श्री रामदेव बाबा के भादवा मेला में पूरे 10 दिन दरबार में श्रद्धा-भक्ति का अद्भुत माहौल निर्मित रहा। प्रतिदिन देश व प्रदेश के प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा जम्मा जागरण व भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। इस दौरान श्रद्धालुओं को परचों का लाभ भी मिला। भादवा मेला में प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी श्रद्धालू बड़ी संख्या में शामिल हुए। जिससे दरबार में प्रतिदिन शाम से देर रात तक श्रद्धालुओं का मेला लग रहा है।




