- January 6, 2026
घर नहीं, कर्ज़ मिला: दुर्ग में प्रधानमंत्री आवास योजना से त्रस्त 522 हितग्राही

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सारस्वती नगर वार्ड क्रमांक-34 में बने मकानों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.इस परियोजना में कुल 522 हितग्राही शामिल हैं।चार ब्लॉकों में से तीन ब्लॉकों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि चौथे ब्लॉक का निर्माण भी लगभग पूर्ण है, लेकिन कुछ कार्य अब भी अधूरे पड़े हैं।वर्ष 2019 में भूमि पूजन और निर्माण शुरू होने के बावजूद 7 साल बीत जाने के बाद भी हितग्राहियों को मकानों का आबंटन नहीं हो पाया है।
इस मुद्दे को लेकर आज जैसे ही हितग्राहियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई, तत्काल दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा,पूर्व सभापति राजकुमार नारायणी मौके पर पहुंचे और वहां की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया,स्थिति और भाजपा सरकार व नगर निगम प्रशासन पर जमकर हमला बोला।इस अवसर पर
फतेह सिंह भाटिया,ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार साहू, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कन्या धीमर, जगमोहन धीमर तथा प्रमुख रूप से शामिल थे।
वोरा ने कहा कि दुर्ग कलेक्टर महोदय इस गंभीर मामले को तत्काल संज्ञान में लें और नगर निगम, राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार को अवगत कराते हुए इस दिशा में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने मांग की कि प्रशासन मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करे और वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हितग्राहियों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए तत्परता दिखाए।
आर.एन. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को राहत देने की बजाय उनके लिए आर्थिक बोझ और मानसिक पीड़ा का कारण बन चुकी है। योजना के तहत प्रति आवास की कुल राशि ₹3,29,255 तय की गई थी, जिसे हितग्राहियों ने बैंक से लोन लेकर पूरी तरह चुका दिया। इसके बावजूद आज तक उन्हें मकानों की चाबी नहीं मिल सकी।
*किश्त भी, किराया भी — गरीबों पर दोहरी मार*
अरुण वोरा ने याद दिलाया कि इसका भूमि पूजन 32 करोड़ रुपये की लागत से उन्होंने स्वयं 2019 में किया था, लेकिन भाजपा सरकार आज तक इसे पूरा नहीं कर पाई।उन्होंने बताया कि हितग्राही 2019 से अब तक एक ओर तो लोन की किश्त और ब्याज चुका चुके हैं, वहीं दूसरी ओर किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। बिना आबंटन के वर्षों से किराया देना पड़ रहा है, जिससे गरीब परिवारों पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
*नए मकान बने, लेकिन लूट और तोड़फोड़ का अड्डा*
स्थिति और भी चिंताजनक है। जिन मकानों का निर्माण हो चुका है, वहां—
खिड़कियां और दरवाजे चोरी हो रहे हैं
न बिजली की व्यवस्था, न पानी की सुविधा
बाउंड्री वॉल नहीं होने से पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा है
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा, गलत गतिविधियां खुलेआम जारी
अरुण वोरा ने कहा कि समय रहते आबंटन नहीं किया गया तो ये मकान पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो जाएंगे।इस मामले को लेकर नगर निगम अधिकारियों और आयुक्त से चर्चा की और तत्काल आबंटन की मांग की।कार्यपालन मंत्री विनीता वर्मा ने 15 दिनों में आबंटन कराने का आश्वासन दिया, उन्होंने कहा कि कॉलोनी में बिजली और पानी की स्थायी व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जाएं। साथ ही क्षेत्र में अंधेरा और अव्यवस्था समाप्त करने के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाए तथा वहां सक्रिय असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि गरीब हितग्राहियों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सके।




