• January 11, 2026

मोदी सरकार ने श्रमिकों ग्रामीणों से काम का अधिकार छीना है — कुंवर सिंह निषाद विधायक

मोदी सरकार ने श्रमिकों ग्रामीणों से काम का अधिकार छीना है — कुंवर सिंह निषाद विधायक

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

 

दुर्ग मनरेगा कानून में मोदी सरकार द्वारा परिवर्तन करने पर प्रदेश कांग्रेस के निर्देश में पत्रकारवार्ता आयोजित की गई जिसमें गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद मनरेगा आंदोलन प्रभारी राजेंद्र साहू , जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकीवाल भिलाई कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेस जनों ने मनरेगा कानून के परिवर्तन पश्चात विसंगतियों को बताया ।
पत्रकारवार्ता प्रभारी *विधायक कुंवर सिंह निषाद* ने कहा कि मनरेगा कानून में परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है। यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है।
मोदी सरकार ने “सुधार” के नाम पर झांसा देकर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया है। यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और सबसे गरीब भारतीयों से काम का अधिकार छीनने की जान-बूझकर की गई कोशिश है।
अब तक, मनरेगा संविधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाली अधिकारों पर आधारित गारंटी थी। नया फ्रेमवर्क ने इसे एक कंडीशनल, केंद्र द्वारा कंट्रोल की जाने वाली स्कीम में बदल दिया है।
मनरेगा बचाओ संग्राम प्रभारी *प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू* ने कहा कि मनरेगा गांधीजी के ग्राम स्वराज, काम की गरिमा और डिसेंट्रलाइज्ड डेवलपमेंट के सपने का जीता-जागता उदाहरण था, लेकिन इस सरकार ने न सिर्फ उनका नाम हटा दिया है, बल्कि 12 करोड़ मनरेगा मज़दूरों के अधिकारों को भी बेरहमी से कुचला है। दो दशकों से, मनरेगा करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए लाइफलाइन रहा है और कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा के तौर पर ज़रूरी साबित हुआ है।
*दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर* ने कहा कि
अब तक मनरेगा मजदूरों को काम देने का कानून था, श्रमिक अधिकार पूर्वक मांग करते थे, जिसे योजना में परिवर्तित कर दिया गया, अब इसे चलाना/नहीं चलाना सरकार की मर्जी पर निर्भर होगा।दुर्ग जिले में पूर्व में कांग्रेस सरकार के दौरान मनरेगा के तहत 42 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य था इसे पिछले साल घटाकर 32 लाख मानव दिवस कर दिया गया था अब वित्तीय वर्ष 2025-26 इसे और घटाकर 18 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य दिया गया है जबकि जिले में सक्रिय मनरेगा मजदूरों की संख्या ही डेढ़ लाख है इसी प्रकार वर्तमान में मनरेगा के तहत जिले के मात्र 10 हजार मनरेगा मजदूरों को
मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में काम मिल रहा है जबकि अन्य वर्षों में इस समय 40 से 50 हजार मजदूर जिले में मनरेगा के तहत कार्यरत होते थे मनरेगा के तहत काम नहीं मिलने से अनेक ग्रामीण मजदूरों को काम की तलाश में छत्तीसगढ़ से पलायन करने मजबूर होंगे।

*जिला कांग्रेस दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल* ने कहा कि
मनरेगा के तहत, सरकारी ऑर्डर से कभी काम नहीं रोका गया। नया सिस्टम हर साल तय टाइम के लिए जबरदस्ती रोज़गार बंद करने की इजाज़त देता है, जिससे राज्य यह तय कर सकता है कि गरीब कब कमा सकते हैं और कब उन्हें भूखा रहना होगा। एक बार फंड खत्म हो जाने पर, या फसल के मौसम में, मज़दूरों को महीनों तक रोज़गार से दूर रखा जा सकता है।
मनरेगा केंद्रीय कानून था, 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा भेजे जाते थे, अब केंद्र और राज्य का हिस्सा 60-40 का हो जाएगा, पहले मैचिंग ग्रांट 50 प्रतिशत राशि राज्य जमा करेगी तब केंद्र सरकार राशि जारी करेगा, राज्यों की वित्तीय स्थिति सर्वविदित है। इस बिल से आने वाले समय में मनरेगा स्कीम खत्म हो जाएगी। जैसे ही बजट का बोझ राज्य सरकारों पर पड़ेगा, वैसे ही धीरे-धीरे मनरेगा बंद होने लगेगी।

मोदी सरकार अब राज्यों पर “जी राम जी” का लगभग 50,000 करोड़ का बोझ डालना चाहती है, उन्हें 40 प्रतिशत खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
*जिला कांग्रेस भिलाई अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर* ने कहा कि
मनरेगा योजना देश के गरीब से गरीब लोगों के लिए रोजगार का सहारा थी, जो कोरोना जैसे मुश्किल हालातों में भी उनके साथ थी। इसलिए ये बिल गरीब मजदूरों के खिलाफ है।

100 दिन से 125 दिन की मजदूरी वाली बात सिर्फ एक चालाकी है, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 70 प्रतिशत गांव में भाजपा की सरकार आने के बाद से अघोषित तौर पर काम नहीं दिया जा रहा है। पिछले 11 सालो में मोदी सरकार बनने के बाद मनरेगा में काम देने का राष्ट्रीय औसत मात्र 38 दिनों का है। मतलब 11 सालो में मोदी सरकार किसी भी साल 100 दिन काम नहीं दे पाई।

मनरेगा काम करने का सही अधिकार था, उसे अब एक एडमिनिस्ट्रेटिव मदद में बदला जा रहा है, जो पूरी तरह से केंद्र की मर्जी पर निर्भर है।

भाजपा भगवान राम के नाम पर एक बार फिर झूठ बोल रही है। “V.B.G.RAM.G.” में जो राम जी बता रहे उसमें कही भी भगवान राम नहीं है। “V.B.G.RAM.G.” का फूल फार्म है (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण) है।
पत्रकार वार्ता में प्रमुख रूप से आर एन वर्मा, अय्यूब खान, नीता लोधी,अल्ताफ अहमद राजेश यादव प्रवक्ता नासिर खोखर, हरीश ठाकुर, पालेश्वर ठाकुर, सुशील भारद्वाज मोहित वाल्दे , करीम खान आयुष शर्मा, पोषण साहू, भोला महोबिया, विजेंद्र भारद्वाज,प्रेमलता साहू , निकिता मिलिंद, लोचन यादव धर्मेंद्र साहू घनश्याम साहू सहित अन्य कांग्रेसी उपस्थित रहे ।
प्रवक्ता नासिर खोखर ने जानकारी दी मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कल गांधी प्रतिमा के सामने कांग्रेस का संयुक्त रूप से एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम है ।
जिसमें तीनों जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे ।

 


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