- February 1, 2026
इतिहास में पहलीबार किसी सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधींकी पुण्यतिथि में शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश नहीं दिया, क्या यही है भाजपा सरकार का सुशासन

ट्राइसिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग सहित पूरे छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार हुआ है, जब सरकार ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन शुष्क दिवस घोषित नहीं किया। शराब की दुकान खुली रहीं। इसकी पूरे प्रदेश में तीखी प्रतिक्रिया है। कांग्रेस ने भी इसे लेकर विरोध दर्ज कराया है। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मेयर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि यह देश के उन महान सपूतों का अपमान है, जिन्होनें देश की आजादी में योगदान किया। अहिंसा के पुजारी का अपमान है जिन्होनें अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए हम भारतवासियों को आजादी दिलाई। भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है। भारत का कोई भी व्यक्ति इस अपमान को नहीं भूलेगा। अब समय आ गया है कि भाजपा को जड़ से उखाड़ जाए। कांग्रेस इसे लेकर पूरे देश में अभियान चलाएगी। बाकलीवाल शराब की दुकानों तक भी पहुंचे, जहां उन्होंने वस्तुस्थिति की जानकारी भी ली।
बाकलीवाल ने कहा कि महात्मा गांधी जी आजीवन नशामुक्त समाज, नैतिकता और आत्मसंयम के पक्षधर रहे। ऐसे दिन शराब की बिक्री को अनुमति देना न केवल शासन की असंवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह राष्ट्रपिता के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना पर भी कुठाराघात है। बाकलीवाल ने अपने बयान में कहा कि महात्मा गांधी जी ने नशामुक्त और स्वस्थ समाज का सपना देश को दिया। उनकी पुण्यतिथि पर शराब दुकानों को खोलना सरकार की नकारात्मक सोच और संवेदनहीन निर्णय का प्रतीक है। कांग्रेस इस निर्णय का पुरजोर विरोध करती है और राज्य सरकार से तत्काल शराब दुकानों को बंद करने की मांग करती है। उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




