- March 11, 2026
केंद्र सरकार के निकम्मेपन का दुष्परिणाम है रसोई गैस की किल्लत- देवकुमार जंघेल

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। प्रदेश कांग्रेस मीडिया कोर्डिनेटर देवकुमार जंघेल ने एक विज्ञप्ति जारी कर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में रसोई गैस की किल्लत को मोदी सरकार के निकम्मेपन का दुष्परिणाम बताते हुए कहा है कि एक ओर तो सरकार पर्याप्त रसोई गैस होने का ढिंढोरा पीट रही है और दूसरी ओर घरेलू रसोई गैस के दाम में 60 रुपये तथा कमर्शियल रसोई गैस के मूल्य में 115 रुपये की वृद्धि कर पहले से ही महंगाई की मार से अधमरी आम जनता के लिए दूबर पर दो आषाढ़ वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। उपर से कोढ़ में खाज यह कि बढ़े हुए दाम पर भी लोगों को रसोई गैस नहीं मिल पा रही है। शासन प्रशासन के संरक्षण में गैस एजेंसी वाले अमेरिका-ईरान जंग का हवाला देकर रसोई गैस का कृत्रिम संकट खड़ा कर रसोई गैस की खुले आम कालाबाजारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए उज्जवला योजना की घोषणा की थी और विभिन्न त्यौहारों पर मुफ्त रसोई गैस उपलब्ध कराने के सब्ज बाग दिखाए थे और आज पैसे देने पर भी गैस नहीं मिल रही है। नतीजतन फिर से महिलाएं चूल्हे पर लकड़ी और कंडा जलाकर खाना बनाने पर बाध्य हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में तो “हर हर चूल्हा, घर घर चूल्हा” का नारा गूंजने लगा है। कांग्रेस जन मोदी सरकार की इस आपराधिक लापरवाही के खिलाफ संसद से सड़क तक की लड़ाई तब तक जारी रखेगी जब तक लोगों को राहत नहीं मिल जाती।



