• March 16, 2026

न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय दुर्ग में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया

न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय दुर्ग में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

 

 

वर्ष 2026 की प्रथम नेशनल लोक अदालत में छत्तीसगढ में 71 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण सहित कुल 3732 करोड रूपए से अधिक का अवार्ड पारित हुआ।

शीघ्र, सस्ता और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने की ऐतिहासिक पहल के तहत् राज्य में आयोजित वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय और मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर ने जिला न्यायालय दुर्ग में शुभारंभ किया। इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय के साथ माननीय श्री न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला दुर्ग की गरिमामय उपस्थिति रही।

माननीय मुख्य न्यायाधीश ने जिला न्यायालय दुर्ग एवं जिला न्यायालय रायपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यवाही का निरीक्षण किया और न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंकिंग संस्थानों एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक मामलों के बैकलॉग को कम करने और विवादों के प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच सामूहिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोक अदालत की प्रक्रिया में भाग लेने वाले हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए, राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण निपटारे में सक्रिय रूप से सहयोग करने के लिए उन्हे प्रोत्साहित किया, ताकि पक्षकारों को त्वरित और सार्थक न्याय सुनिश्चित किया जा सके। उनकी उपस्थिति सभी के लिए प्रोत्साहन का स्त्रोत बनी और विवादों के त्वरित समाधान हेतु एक वादी अनुकूल तथा सुलभ मंच के रूप में लोक अदालत तंत्र को सुदृढ़ करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को और बल प्रदान किया।

इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायालय दुर्ग में लोक अदालत एवं मध्यस्थता जागरूकता हेतु थीम साँग का उद्घाटन किया। यह थीम सांग “पण्डवानी शैली’ पर तैयार किया है, जिससे वैकल्पिक विवाद समाधान का संदेश अधिक-से-अधिक लोगों को स्थानीय शैली में दिया जा सके।

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नेशनल लोक अदालत हेतु छत्तीसगढ उच्च न्यायालय में गठित दोनों खण्डपीठों के अध्यक्ष माननीय श्री न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत और माननीय श्री न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद से वर्चुअल चर्चा की और विवादों के समाधान को सुगम बनाने और सौहार्दपूर्ण निपटारे की भावना को बढावा देने के उनके प्रभावी प्रयासों की प्रशंसा की।

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने राज्य के सभी जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से नेशनल लोक अदालत की कार्यवाहियों पर विस्तृत चर्चा की और उन्होनें त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों द्वारा लोक अदालत के माध्यम से मामलों का अधिकतम संभव निपटारा सुनिश्चित करने की दिशा में समर्पित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।

इन समन्वित प्रयासों का परिणाम एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सामने आया है। दिनांक 14 मार्च, 2026 को आयोजित वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत जिसमें छत्तीसगढ राज्य के उच्च न्यायालय, जिला एवं सत्र न्यायालय, तहसील स्तरीय न्यायालय, राजस्व न्यायालय इत्यादि शामिल हैं, से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 71,94,079 मामले (जिनमें आपराधिक शमनीय मामले, दीवानी मामले, राजस्व मामले, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, यातायात चालान सहित मुकदमा पूर्व मामले शामिल हैं) निराकृत किए गए और 37,32,45,02,059 रूपए की राशि का अवार्ड पारित किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान छत्तीसगढ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में एक पारिवारिक विवाद का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। यह मामला पक्षकारो के मध्य उत्पन्न वैवाहिक मतभेद से संबंधित था, जिसमें परिवार न्यायालय, बिलासपुर द्वारा, विवाह विच्छेद की याचिका को खारिज किया था, के विरुद्ध प्रथम अपील प्रस्तुत की गई थी। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की खण्डपीठ के समक्ष दोनों पक्षकारों ने अपने मतभेद दूर करते हुए पुनः साथ रहने पर सहमति व्यक्त की। समझौते के अनुसार पति-पत्नी अपने बच्चों के साथ एक ही छत के नीचे निवास करेंगे तथा पति द्वारा पत्नी एवं बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी वहन की जाएगी। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पारिवारिक विवाद का सकारात्मक समाधान संभव हो सका।

उल्लेखनीय है कि माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय ने लोक अदालत प्रक्रिया के माध्यम से छत्तीसगढ की जनता को शीघ्र, सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करने को लगातार उच्च प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में लोक अदालतों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने और जनता के लिए न्याय तक पहुंच को बढ़ाने के उद्देश्य से, पूरे राज्य में प्रधान जिला न्यायाधीशों की नियमित समीक्षा बैठकें और निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।

माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के.अग्रवाल, कार्यपालक अध्यक्ष छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, अध्यक्ष छ.ग. उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, परिवार न्यायालय के न्यायाधीशों, लोक अदालत की खण्डपीठों के सभी पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों और उन सभी हितधारकों खण्डपीठों के सभी पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों और उन सभी हितधारकों के प्रति अपनी हार्दिक सराहना व्यक्त की, जिन्होंने इस राष्ट्रीय लोक अदालत को एक ऐतिहासिक सफलता प्रदान करने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दिया है।


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