- March 20, 2026
धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026: संस्कृति व सुरक्षा का सशक्त संकल्प – नितेश साहू

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 का भाजपा प्रवक्ता नितेश साहू ने स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संतुलन की रक्षा का सशक्त संकल्प है। यह विधेयक स्पष्ट रूप से निर्धारित करता है कि बल, प्रलोभन, दबाव, झूठी जानकारी या कपटपूर्ण तरीकों से धर्म परिवर्तन कराना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा।
साथ ही स्वैच्छिक धर्म परिवर्तन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया, पूर्व सूचना एवं आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर पूर्ण रोक लगे।
नितेश साहू ने कहा कि इस कानून में अवैध धर्मांतरण पर 7 से 10 वर्ष तक की सजा और न्यूनतम 5 लाख रुपये जुर्माना, जबकि महिलाओं, नाबालिगों एवं अनुसूचित जाति-जनजाति के मामलों में 10 से 20 वर्ष तक की सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा और भारी जुर्माना इस कानून को और अधिक प्रभावी बनाता है।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह विधेयक उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है।
वहीं यदि हम पिछले वर्षों पर नजर डालें, तो यह कटु सत्य है कि सबसे अधिक धर्मांतरण की घटनाएं कांग्रेस शासनकाल में हुईं, लेकिन उस समय न तो कोई ठोस नीति बनाई गई और न ही ऐसा कोई सशक्त कानून लाया गया, जिससे इन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। कांग्रेस ने हमेशा इस गंभीर विषय को नजरअंदाज किया और केवल तुष्टिकरण की राजनीति में उलझी रही।
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह केवल बातें नहीं, बल्कि ठोस निर्णय लेने में विश्वास रखती है। यह कानून आने वाले समय में प्रदेश में सामाजिक समरसता, कानून व्यवस्था और जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत करेगा। नितेश ने बताया की यह कानून छत्तीसगढ़ की संस्कृति की रक्षा और समाज के कमजोर वर्गों के सम्मान की सुरक्षा का मजबूत कवच साबित होगा।




