- April 21, 2026
महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा के कथनी और करनी पर उठाए सवाल, भाजपा जनता को कर रही है गुमराह-कांग्रेस

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग । महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर सोमवार को दुर्ग में कांग्रेस ने भाजपा के कथनी और करनी पर जमकर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना था कि हम महिला आरक्षण के समर्थक थे, है और रहेंगे, लेकिन भाजपा 131वें संविधान संशोधन में महिला आरक्षण के आड़ में परिसीमन संशोधन बिल और केन्द्र शासित प्रदेश कानून बिल को पारित करवाना चाहती थी। इसलिए विपक्ष ने एकजुट होकर सदन में लाए गए बिल को धराशायी कर भाजपा को बेनकाब कर दिया है। वास्तविकता यह है कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) संविधान के 106 वें संशोधन 2023 में संसद के दोनो सदनों में पारित हो चुका है। अगर भाजपा महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो 2023 के बिल को लागू कर संसद के वर्तमान सदस्यों की संख्या के आधार पर महिला सदस्यों को क्यों आरक्षण नही दे रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट कहा है कि महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर भाजपा झूठ बोलकर जनता में भ्रम फैला रही है, लेकिन जनता भाजपा के कथनी और करनी को बेहतर समझती है। अब जनता गुमराह होने वाली नहीं है। कांग्रेस का महिला आरक्षण के मुद्दे पर सड़क से सदन तक की लड़ाई आगे भी जारी रहेगा। यह बातें दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, भिलाई निगम एमआईसी सदस्य नेहा साहू, दुर्ग जिला पंचायत की पूर्व सदस्य योगिता चंद्राकर ने सोमवार को स्थानीय राजीव भवन (कांग्रेस भवन) में मीडिया से संयुक्त चर्चा में कही। इस दौरान पूर्व महापौर आरएन वर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव अय्यूब खान, दुर्ग कांग्रेस संगठन मंत्री रायसिंह ढिकोला, जिला कांग्रेस प्रवक्ता नासिर खोखर, जिला कांग्रेस कार्यालय प्रभारी मोहित वाल्दे,दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी महामंत्री पालेश्वर ठाकुर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आयुष शर्मा, दुर्ग जिला कांगे्रस महामंत्री गौरव उमरे, भिलाई कांग्रेस सदस्य विभा शर्मा, पूर्व पार्षद जमुना साहू, कन्या ढीमर भी मौजूद रहे। चर्चा में दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्तारूढ़ दल देश में भ्रम फैलाने का काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है और आज भी उसका समर्थन करती है। भाजपा यह गलत प्रचार कर रही है कि विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, जबकि सच्चाई यह है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106वां संविधान संशोधन) संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन चुका है।
श्री ठाकुर ने कहा कि 131 संविधान संशोधन महिला आरक्षण से सीधे तौर पर संबंधित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में संशोधन कर सीटों के पुनर्गठन की कोशिश की जा रही थी। इस विधेयक में लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव शामिल था, जिसमें राज्यों के लिए 815 और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें निर्धारित करने की बात कही गई थी।
दुर्ग जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि हम महिला आरक्षण के समर्थक थे, है और रहेंगे। महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित हो चुका है। केन्द्र सरकार चाहे तो 2023 के कानून को लागू कर वर्तमान में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दे सकती है, लेकिन महिलाओं को आरक्षण देने की भाजपा की नियत ही नहीं है। श्री बाकलीवाल ने कहा कि सदन में प्रस्तुत विधेयक का विपक्ष द्वारा विरोध इसलिए किया गया क्योंकि इसमें 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन करने का प्रस्ताव था, जबकि देश में नई जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। यदि नई जनगणना और संभावित जाति जनगणना के आंकड़े आने वाले हैं, तो पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता। इस मुद्दे पर सभी विपक्षी दल सहमत हैं और तत्काल लागू करने के पक्षधर भी हैं।
भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि केन्द्र सरकार चाहती तो 2023 के कानून में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा की प्राथमिकता महिला आरक्षण नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार सीटों का परिसीमन करना है। भिलाई नगर निगम एमआईसी सदस्य नेहा साहू और जिला पंचायत की पूर्व सदस्य योगिता चंद्राकर ने कांग्रेस के महिलाओं हितैषी ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने की पहल कांग्रेस सरकारों ने ही की थी। 1989 में राजीव गांधी द्वारा शुरू किया गया प्रयास और 1993 में पीवी नरसिम्हा राव सरकार द्वारा पारित कानूनों के कारण आज देश में लाखों महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं। भाजपा महिला आरक्षण की बात करती है, लेकिन भाजपा की कई राज्यों में सरकार है, बावजूद भाजपा ने दिल्ली में ही एक महिला मुख्यमंत्री बनाया है। इससे स्पष्ट है कि महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा केवल जनता में भ्रम फैला रही है। कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण की पक्षधर रही है। कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगाना भाजपा की विफलता का परिचायक है।
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