- April 21, 2026
धनोरा कृषि छात्रों ने किया आकाशवाणी रायपुर का भ्रमण

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
छत्तीसगढ़ कृषि महाविद्यालय धनोरा, दुर्ग के बीएससी एग्रीकल्चर अंतिम वर्ष के छात्रों ने “कृषि पत्रकारिता और व्यवहार कौशल” मॉड्यूल (प्रैक्टिकल)के अंतर्गत हाल ही में आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) रायपुर केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने रेडियो प्रसारण की आधुनिक तकनीकों, कार्यक्रम निर्माण प्रक्रिया और सूचना प्रसार की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।ऑल इंडिया रेडियो का महत्वपूर्ण केंद्र आकाशवाणी रायपुर छत्तीसगढ़ की विभिन्न जनता तक कृषि जानकारी, मनोरंजन और जागरूकता पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। 2 अक्टूबर 1963 को स्थापित यह केंद्र, प्रसार भारती के अंतर्गत कार्य करते हुए आज आधुनिक तकनीकों के साथ अपने प्रसारण को और सशक्त बना चुका है।आकाशवाणी रायपुर में दो प्रमुख चैनलों के माध्यम से प्रसारण किया जाता है—एफएम विवध भारती, जिसकी पहुँच लगभग 70–80 किमी तक है, और मीडियम वेव, जिसकी पहुँच लगभग 150 किमी तक फैली हुई है। 10 किलोवाट क्षमता वाला एफएम ट्रांसमीटर 101.6 MHz पर प्रसारण करता है, जबकि 100 मीटर ऊँचा टॉवर और 23 डिग्री पर स्थापित सैटेलाइट डिश इसके तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाते हैं।
यह केंद्र रायपुर स्टूडियो के साथ-साथ एमपी स्टूडियो से भी संचालित होता है, जहाँ कृषि उत्पादन और मल्टी-ट्रैक रिकॉर्डिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। प्रोडक्शन प्रक्रिया में क्यू-शीट का उपयोग किया जाता है, जिसमें कार्यक्रम का प्रारंभ और समाप्ति समय स्पष्ट रूप से दर्ज रहता है। इसके अलावा, डिजिटल शेड्यूलिंग के लिए डिजीवेयर सिस्टम का उपयोग किया जाता है।आकाशवाणी रायपुर में घोषणा कक्ष, कलाकार बूथ, लाइव साउंड रिकॉर्डिंग के लिए साउंड फोर्ज, तथा ‘उवानी’ जैसे कार्यक्रमों के लिए विशेष स्टूडियो सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यहाँ श्रोताओं के लिए ईमेल के माध्यम से भी कार्यक्रम भेजने की सुविधा दी जाती है। इसके साथ ही, ‘न्यूज़ ऑन एयर’ मोबाइल ऐप के जरिए देश-विदेश में कहीं भी समाचार सुने जा सकते हैं।
कार्यक्रमों की बात करें तो ‘चौपाल’, ‘किसान वाणी’ और ‘हेलो किसान वाणी’,हमर साथी हमर गोठ,फोन इन कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम विशेष रूप से लोकप्रिय हैं, जो किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा में शाम 6:10 बजे और हिंदी में 6:45 बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम श्रोताओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं।यह केंद्र देश के लगभग 99 प्रतिशत हिस्से तक अपनी पहुँच रखता है। यहाँ कार्यरत प्रमुख व्यक्तियों में वेणीचंद साहू, नेमी चंद साहू,प्रियंका डड़सेना, खान सर तथा डी. राजेश्वर सर का महत्वपूर्ण योगदान है। रायपुर स्थित यह केंद्र क्लस्टर ऑफिस के रूप में भी कार्य करता है, जिससे प्रशासनिक और तकनीकी समन्वय सुचारु रूप से होता है।
भ्रमण के दौरान आकाशवाणी के अधिकारियों ने छात्रों को स्टूडियो, रिकॉर्डिंग कक्ष, प्रसारण नियंत्रण कक्ष तथा डिजिटल उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों तक कृषि संबंधी जानकारी पहुँचाने में रेडियो की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।इस कार्यक्रम में कॉर्डिनेटर विवेक पांडे के साथ कृषि पत्रकारिता के छात्र दिव्या देशमुख,नारायणी देवांगन,वैभव सिंह राठौर,सागर चौहान, पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, हिमांशू, श्वेता बिंझलेकर,श्रेया रेड्डी,अन्वीतिवारी,रिया ,ऐश्वर्या,सुजीत,आकांक्षा, संजना,शिक्षा मिश्रा आदि मौजूद रहे!




