- May 20, 2026
दुर्ग में बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग, नगर निगम घेराव के बाद भी नहीं जागा प्रशासन : अरुण वोरा

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग : दुर्ग शहर के कातुलबोड़ एवं हरिनगर वार्ड में भीषण गर्मी के बीच जल संकट और लगातार बिजली कटौती ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। नलों में पानी नहीं, घंटों बिजली गुल, खराब पड़े हैंडपंप और जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता ने लोगों का जीवन संकट में डाल दिया है। क्षेत्रवासियों के बुलावे पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा मौके पर पहुंचे और जनता की समस्याएं सुनीं।
इस गंभीर स्थिति को लेकर अरुण वोरा ने कलेक्टर एवं कमिश्नर से चर्चा कर तत्काल स्थायी समाधान की मांग की। इस दौरान उन्होंने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा —
“क्षेत्र में लगभग 5 हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं किया गया। हालात इतने खराब हैं कि लोग न ठीक से नहा पा रहे हैं, न खाना बना पा रहे हैं और न ही भीषण गर्मी में चैन से सो पा रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि जनता के साथ अन्याय है।”
“सबसे विडंबनापूर्ण और गंभीर स्थिति यह है कि करोड़ों रुपये खर्च कर जिस भागीरथी अमृत मिशन को लोगों के घरों तक नियमित पानी पहुंचाने के लिए शुरू किया गया था, वही योजना आज अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। जैसे ही पानी सप्लाई का समय शुरू होता है, उसी वक्त बिजली काट दी जाती है। बिजली बंद होते ही मोटर और पंप ठप पड़ जाते हैं और पूरे मोहल्ले की पानी सप्लाई रुक जाती है। जब तक बिजली वापस आती है, तब तक पानी सप्लाई का निर्धारित समय समाप्त हो चुका होता है और लोग खाली बर्तन लेकर रह जाते हैं।”
अरुण वोरा ने आगे कहा —
“कई परिवार रातभर जागकर इस उम्मीद में बैठे रहते हैं कि शायद बिजली आए और पानी मिल सके। करोड़ों की योजनाओं और बड़े-बड़े सरकारी दावों के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि जनता बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर है, जबकि जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपनी जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं।”
स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार बनी इस समस्या से परेशान होकर कई परिवार दुर्ग छोड़कर छिंदवाड़ा और ओडिशा की ओर जाने तक को मजबूर हो रहे हैं। जनता का आरोप है कि हाल ही की भाजपा सरकार के विकास के दावे सिर्फ भाषणों और विज्ञापनों तक सीमित हैं।
अरुण वोरा ने कहा —
“कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में जनता की मूलभूत समस्याओं को लेकर नगर निगम का विशाल घेराव किया था। हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर पानी, बिजली और बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। हमने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो हालात गंभीर हो जाएंगे। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इतना बड़ा जनआक्रोश देखने के बाद भी प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।”
उन्होंने बताया कि आज पुनः कलेक्टर और कमिश्नर से चर्चा कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया है। अधिकारियों द्वारा जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है। अब देखना यह है कि यह आश्वासन सिर्फ कागजों तक सीमित रहता है या फिर वास्तव में जनता को पानी और बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं से राहत मिल पाती है।




