- June 14, 2026
दादा-दादी, नाना- नानी पार्क की दुर्दशा पर पूर्व पार्षदों ने जताई चिंता, नगर निगम प्रशासन से पार्क को व्यवस्थित करने की मांग की

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने दादा-दादी, नाना-नानी पार्क का भ्रमण कर उसकी दुर्दशा का जायजा लिया और इस बात पर गहरी चिंता जताई कि नगर निगम प्रशासन की अनदेखी के कारण कभी शहर की सुंदरता में चार चांद लगाने वाला यह बहुपयोगी पार्क संधारण के अभाव में खंडहर के रुप में तब्दील होता जा रहा है। गौरतलब है कि 2008 में तात्कालीन महापौर सुश्री सरोज पांडेय ने एसपी बंगले के सामने इस पार्क का निर्माण कराया था। जहां बच्चे, बूढ़े और महिलाएं सब आया करते थे। मार्निंग वाक और योगा करते थे। हरियाली लोगों को लुभाती थी। पेड़ पौधों पर की गई लाईटिंग आकर्षण का केन्द्र हुआ करती थी। पीने का पानी सुलभ कराने कलात्मक अमृत कलश बना गया था। जिसे अब स्टोर बना दिया गया है। लाईटिंग व्यवस्था तहस नहस हो गई है। गार्डन के निचले हिस्से में गढ्ढे पड़ गए हैं जिससे बारिश के मौसम में इसका आधा हिस्सा जलमग्न हो जाता है। मजबूरन लोगों को सड़क पर योगा करना पड़ता है और मुस्कान मित्र मंडल संस्था को भी सड़क पर अपना नियमित कार्यक्रम करना पड़ता है। पूरा पार्क खंडहर बनता जा रहा है और अपनी उपयोगिता खोता जा रहा है। पूर्व नेता लिखन साहू, पूर्व पार्षद अमृत लोढ़ा, डॉक्टर छत्रसाल गायकवाड, संजय सिंह, भोला महोबिया, मनोज चंद्राकर, अनिल देवांगन, मनीष यादव, सुरेंद्र ठाकुर, राजकुमार वर्मा, युवराज ठाकुर, आदि ने मांग की है कि बारिश के पूर्व पार्क में मुरम या डस्ट डाल कर समतलीकरण किया जाए। अन्य संधारण कार्य कर उसे व्यवस्थित किया जाए तथा वहां पेयजल की व्यवस्था की जाए।




