- June 15, 2026
वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : दुर्ग जिले के पांच गांवों में सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम प्रारंभ

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली द्वारा जारी “Community Mediation Towards a Litigation-Free Rural India” Standard Operating Procedure (SOP), 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा जिले के पांच ग्रामों घुघसीडीह, ननकट्ठी, अरसनारा, निकुम एवं कुथरेल का चयन किया गया है।
इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले छोटे-छोटे सामाजिक, पारिवारिक, पड़ोसी, भूमि एवं अन्य सामुदायिक विवादों का न्यायालय पहुंचने से पूर्व ही आपसी संवाद, सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में निराकरण सुनिश्चित करना है। सामुदायिक मध्यस्थता की इस व्यवस्था से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में सहायता मिलेगी, बल्कि गांवों में सामाजिक समरसता, भाईचारा एवं आपसी विश्वास को भी मजबूती प्राप्त होगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा चिन्हांकित इन ग्रामों में सामुदायिक मध्यस्थता तंत्र को सुदृढ़ बनाने हेतु विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यशालाएं एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, पैरामलीगल वालंटियर्स (PLVs), सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा ग्रामीण नागरिकों को मध्यस्थता की प्रक्रिया एवं उसके लाभों से अवगत कराया जाएगा।
सामुदायिक मध्यस्थता एक ऐसी वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली है, जिसमें पक्षकारों की स्वैच्छिक सहभागिता एवं आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान किया जाता है। यह प्रक्रिया सरल, त्वरित, कम खर्चीली तथा संबंधों को बनाए रखने वाली व्यवस्था के रूप में ग्रामीण समाज के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे विवादों के समाधान हेतु संवाद एवं मध्यस्थता की संस्कृति को अपनाएं तथा ग्राम स्तर पर शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
यह पहल “वाद-मुक्त ग्रामीण भारत” के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीण समाज में स्थायी शांति एवं सामाजिक एकता को बढ़ावा देगी।




