- June 26, 2026
29 को संत श्री माताजी की श्रध्दांजलि सभा के साथ शांतिभोज का आयोजन, जय शक्ति आश्रम निकुम में बनायी गयी समाधि

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। तीर्थराज देवी निकुभला धाम व जय शक्ति आश्रम निकुम के संस्थापक संत श्री माताजी के देवलोक गमन के बाद उनकी स्मृति में अनुयायियों व्दारा आश्रम के भीतर शिवमंदिर के समीप समाधि का निर्माण कर लिया गया है। 29 जून सोमवार को आश्रम स्थल में सुबह 10 बजे से श्रध्दांजलि सभा का आयोजन किया गया है। इसके बाद शांतिभोज का कार्यक्रम होगा। श्रध्दांजलि सभा में अंचल के विभिन्न स्थानों से राजनैतिक दल के जनप्रतिनिधि समाज सेवी भक्त व श्रध्दालुगण हजारों की संख्या में शामिल होंगे।
संत श्री माताजी का पूरा जीवन धार्मिक व आध्यत्मिक आयोजन में व्यतीत हुआ है। देश के सभी शंकराचार्य आश्रम स्थल में आकर यज्ञ संपन्न करा चुके है। संत श्री माता जी व्दारा दुर्ग के पुलगांव में वर्ष 96 में आयोजित 108 कुंडीय राजलक्ष्मी लक्ष चंडी महायज्ञ राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुआ था। इसके बाद निकुम आश्रम में 108 दिवसीय राजलक्ष्मी महायज्ञ का आयोजन किया गया था जिसमें नामी गिरामी शासन प्रशासन उच्च न्यायालय व राजनैतिक दल के लोग शामिल हुए थे। संत श्री माताजी तीन दशक से अधिक समय से लगातार नवरात्र पर्व पर महायज्ञ का आयोजन करते रहे हैं। उन्होंने धार्मिक स्तर पर पूजा पाठ करने की सलाह देकर हजारों लोगों का जीवन सुखमय बनाया है। इसी कारण उनके प्रति श्रध्दा रखने वालों की संख्या हजारों लाखों में रही है। संत श्री माताजी जिले व छत्तीसगढ़ के ऐसे इकलौते संत रहे है जिन्होने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेन्द्र मोदी के लिए देश के प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी। संतश्री माता जी के व्दारा जल संवर्धन, नक्सली उन्मूलन करोना महामारी के समाप्ति को लेकर किया गया महायज्ञ सकारात्मक परिणाम लेकर सामने आया है। संत श्री माताजी के व्दारा लगातार यज्ञाहुति करने की वजह से उनके भीतर मौजूद अद्भूत शक्तियों का भी अनुभव लोगों को देखने को मिला है। संत श्री माताजी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्हें एक-एक मंत्रों के जाप का परिणाम क्या होता है इसका उन्हें विशेष ज्ञान रहा है। संत श्री माताजी मां निकुभंला की स्थापना को लेकर विशेष रुप से प्रयासरत थे। इसके लिए उन्होंने तैयारिया भी शुरु कर दी थी लेकिन देवलोक गमन से उनकी यह इच्छा अधूरी रह गयी है। संत श्री माताजी व्दारा जय शक्ति आश्रम में माता राजलक्ष्मी भगवान दत्तात्रेय व भगवान शिव का भव्य मंदिर निर्माण किया गया है। जो विशेष रुप से आकर्षण का केन्द्र है। श्रध्दांजलि कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मंदिर में पूजा पाठ का कार्यक्रम उनके सेवकों व्दारा नियमित रुप से किया जायेगा और मंदिर श्रध्दालुओं के दर्शनार्थ नियमित रुप से खुला रहेगा।




